6 अक्टूबर 2026
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एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित होंगे भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख, 31 अक्टूबर 2026 से संभालेंगे कमान

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एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित होंगे भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख, 31 अक्टूबर 2026 से संभालेंगे कमान

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाले एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित अब भारतीय वायुसेना की कमान थामेंगे। चार दशकों के उड़ान, परिचालन और रणनीतिक अनुभव के साथ वह 31 अक्टूबर 2026 को वायुसेना के 29वें प्रमुख बनेंगे।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने 6 अक्टूबर 2026 को एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित की भारतीय वायुसेना के अगले प्रमुख के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी।
दीक्षित 31 अक्टूबर 2026 को वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में पदभार संभालेंगे।
वह वर्तमान प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की जगह लेंगे, जो उसी दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
ऑपरेशन सिंदूर , ऑपरेशन सफेद सागर और ऑपरेशन रक्षक सहित कई प्रमुख सैन्य अभियानों में भागीदारी।
3,500 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव; मिराज-2000 , तेजस , जगुआर सहित अनेक विमानों का संचालन।
2026 में परम विशिष्ट सेवा पदक सहित चार प्रमुख सैन्य सम्मानों से सम्मानित।

केंद्र सरकार ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित की भारतीय वायुसेना के अगले प्रमुख के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दे दी। वह 31 अक्टूबर 2026 को वायुसेना प्रमुख का पदभार संभालेंगे और वायुसेना के 29वें प्रमुख बनेंगे। फिलहाल वह वायुसेना के उपप्रमुख के पद पर कार्यरत हैं तथा ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है।

किसकी जगह लेंगे दीक्षित

वर्तमान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह (एपी सिंह) 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके जाने के साथ ही एयर मार्शल दीक्षित नेतृत्व की बागडोर संभालेंगे। गौरतलब है कि दीक्षित ने 1 जुलाई 2026 को वायुसेना उपप्रमुख का पदभार ग्रहण किया था।

करियर और अनुभव

एयर मार्शल दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया था। लगभग चार दशकों के विशिष्ट सेवाकाल में उन्होंने 3,500 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव अर्जित किया है। वह एक एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं।

उन्होंने मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करण, किरण, जगुआर, आईएल-78, हॉक और तेजस सहित अनेक प्रकार के लड़ाकू, परिवहन और प्रशिक्षण विमानों का संचालन किया है। उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल में डायरेक्टिंग स्टाफ के रूप में भी सेवाएं दी हैं।

प्रमुख अभियानों में भागीदारी

अपने करियर में एयर मार्शल दीक्षित कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों और अभ्यासों में सक्रिय रहे हैं। इनमें ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक, कोप-इंडिया और ऑपरेशन सिंदूर शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय वायुसेना की परिचालन तैयारी और आधुनिकीकरण राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंडे के केंद्र में है।

नेतृत्व और प्रशासनिक दायित्व

उपप्रमुख का पद संभालने से पहले दीक्षित एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख और मध्य वायु कमान के वायु अधिकारी कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं। कमांडिंग ऑफिसर के रूप में उन्होंने नंबर 9 स्क्वाड्रन का नेतृत्व किया, जो मिराज-2000 से लैस थी। उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र में एक फ्रंटलाइन फाइटर एयर बेस और दक्षिणी क्षेत्र में एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान भी संभाली। इसके अलावा, उन्होंने वायु भवन में प्रिंसिपल डायरेक्टर एयर स्टाफ रिक्वायरमेंट और सदर्न एयर कमांड में एयर डिफेंस कमांडर के रूप में भी महत्वपूर्ण दायित्व निभाए।

वह नेशनल डिफेंस एकेडमी, डिफेंस स्टाफ सर्विस कॉलेज (बांग्लादेश) और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र भी रहे हैं।

सैन्य सम्मान

एयर मार्शल दीक्षित को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए चार प्रमुख सैन्य सम्मान प्राप्त हुए हैं — 2006 में वायु सेना पदक, 2011 में विशिष्ट सेवा पदक, 2023 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2026 में परम विशिष्ट सेवा पदक। 31 अक्टूबर 2026 से उनका कार्यकाल शुरू होने के साथ भारतीय वायुसेना के नेतृत्व में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

MRFA प्रक्रिया और तेजस Mk-2 की समयसीमा पर ठोस प्रगति हो पाती है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित कब वायुसेना प्रमुख बनेंगे?
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना के प्रमुख का पदभार संभालेंगे। केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति को 6 अक्टूबर 2026 को मंजूरी दी है।
एयर मार्शल दीक्षित वायुसेना के कौन से प्रमुख होंगे?
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख होंगे। वह वर्तमान प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लेंगे, जो 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में एयर मार्शल दीक्षित की क्या भूमिका रही?
एयर मार्शल दीक्षित ऑपरेशन सिंदूर में सक्रिय रूप से शामिल रहे। इसके अलावा वह ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और कोप-इंडिया जैसे अन्य प्रमुख सैन्य अभियानों व अभ्यासों का भी हिस्सा रहे हैं।
एयर मार्शल दीक्षित का सैन्य करियर कैसा रहा है?
एयर मार्शल दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया था। उनके पास 3,500 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है और वह मिराज-2000, तेजस, जगुआर, हॉक और आईएल-78 सहित कई विमान उड़ा चुके हैं। वह एक एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं।
एयर मार्शल दीक्षित को कौन-से सैन्य सम्मान मिले हैं?
एयर मार्शल दीक्षित को 2006 में वायु सेना पदक, 2011 में विशिष्ट सेवा पदक, 2023 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2026 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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