30 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया बने वायुसेना के नए उप प्रमुख, 1 नवंबर से संभालेंगे कार्यभार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया बने वायुसेना के नए उप प्रमुख, 1 नवंबर से संभालेंगे कार्यभार

सारांश

भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व में एकसाथ बड़ा बदलाव हो रहा है। 31 अक्टूबर को एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित वायुसेना के 29वें प्रमुख बनेंगे, और एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया 1 नवंबर से नए उप प्रमुख का दायित्व संभालेंगे।

मुख्य बातें

एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया को भारतीय वायुसेना का अगला उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) नियुक्त किया गया है।
वह 1 नवंबर 2026 से कार्यभार संभालेंगे; वर्तमान में पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ हैं।
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 31 अक्टूबर 2026 को 29वें वायुसेना प्रमुख का पद ग्रहण करेंगे; एयर चीफ मार्शल एपी सिंह उसी दिन 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होंगे।
वालिया को 11 जून 1988 को वायुसेना की लड़ाकू विमान शाखा में कमीशन मिला था; उनके पास 3,200 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है।
विशिष्ट सेवाओं के लिए 2008 में वायु सेना पदक (VM) और 2018 में AVSM से सम्मानित; रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में तीन स्नातकोत्तर डिग्रियाँ ।
जापान और दक्षिण कोरिया में भारतीय दूतावासों में रक्षा अताशे के रूप में सेवाएँ दे चुके हैं।

भारतीय वायुसेना में 1 नवंबर 2026 से बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया को भारतीय वायुसेना के अगले उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) के रूप में नियुक्त किया गया है। फिलहाल वह पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर तैनात हैं। यह नियुक्ति उस समय हो रही है जब वायुसेना का समूचा शीर्ष नेतृत्व एक साथ बदल रहा है।

नेतृत्व परिवर्तन की पृष्ठभूमि

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 42 वर्षों की सेवा के बाद 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके स्थान पर वर्तमान वायुसेना उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है, जो 31 अक्टूबर को पदभार ग्रहण करेंगे। दीक्षित के वायुसेना प्रमुख बनने के बाद रिक्त हुए उप प्रमुख के पद पर एयर मार्शल वालिया 1 नवंबर से कार्यभार संभालेंगे।

एयर मार्शल वालिया की शैक्षणिक व सैन्य पृष्ठभूमि

एयर मार्शल वालिया राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र हैं। उन्हें 11 जून 1988 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू विमान शाखा में कमीशन प्राप्त हुआ था। लगभग चार दशक के सैन्य करियर में उन्होंने कई कमान और स्टाफ दायित्व निभाए हैं।

उन्होंने यूनाइटेड किंगडम में एडवांस्ड कमांड एंड स्टाफ कोर्स और बांग्लादेश में नेशनल डिफेंस कॉलेज का पाठ्यक्रम पूरा किया है। रक्षा और सामरिक अध्ययन में उनके पास तीन स्नातकोत्तर डिग्रियाँ हैं, जो उनकी अकादमिक गहराई को दर्शाती हैं।

उड़ान अनुभव और कमान का रिकॉर्ड

एयर मार्शल वालिया एक अनुभवी लड़ाकू विमान पायलट हैं, जिनके पास 3,200 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने मिग-21, मिग-23, मिग-27, जगुआर और सुखोई-30 एमकेआई जैसे विभिन्न लड़ाकू विमानों को उड़ाया है।

कमान के मोर्चे पर उन्होंने एक अग्रिम मोर्चे के लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन, टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (TACDE) और एयर फोर्स स्टेशन बरेली की कमान संभाली है। इसके अतिरिक्त वह वायुसेना के एयर स्टाफ इंस्पेक्शन निदेशालय (DASI) के प्रमुख और पूर्वी वायु कमान में वरिष्ठ एयर स्टाफ अधिकारी भी रहे हैं।

राजनयिक सेवाएँ और पुरस्कार

वायुसेना की परिचालन ज़िम्मेदारियों के अलावा एयर मार्शल वालिया ने जापान और दक्षिण कोरिया स्थित भारतीय दूतावासों में रक्षा अताशे के रूप में भी सेवाएँ दी हैं — एक भूमिका जो भारत के रणनीतिक रक्षा संबंधों के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें 2008 में वायु सेना पदक (VM) और 2018 में अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) से सम्मानित किया जा चुका है। गौरतलब है कि पढ़ने के शौकीन वालिया की यह बहुआयामी पृष्ठभूमि — उड़ान, कमान, कूटनीति और शिक्षा — उन्हें उप प्रमुख की भूमिका के लिए एक समग्र दावेदार बनाती है।

आगे की राह

भारतीय वायुसेना के इस नेतृत्व परिवर्तन का समय उस दौर में आया है जब वायुसेना अपने आधुनिकीकरण कार्यक्रमों — विशेषकर तेजस और सुखोई-30 MKI के उन्नयन — को गति देने में जुटी है। उप प्रमुख के रूप में वालिया की भूमिका इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन और वायुसेना की परिचालन तैयारी सुनिश्चित करने में केंद्रीय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर तब जब वायुसेना तेजस उत्पादन और सुखोई उन्नयन जैसे बड़े आधुनिकीकरण कार्यक्रमों के बीच है। एयर मार्शल वालिया की बहुआयामी पृष्ठभूमि — जापान और दक्षिण कोरिया में रक्षा अताशे का अनुभव और TACDE में कमान — उन्हें परिचालन और कूटनीतिक दोनों मोर्चों पर तैयार दिखाती है। परंतु असली परीक्षा यह है कि नया नेतृत्व द्विपक्षीय रक्षा साझेदारियों — विशेषकर अमेरिका के साथ — को उस गति से आगे बढ़ा सके जो पिछले कार्यकाल में स्थापित हुई थी।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया कौन हैं?
एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्हें 11 जून 1988 को लड़ाकू विमान शाखा में कमीशन मिला था। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं और उनके पास 3,200 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। वर्तमान में वह पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर तैनात हैं।
वायुसेना के नए उप प्रमुख 1 नवंबर से कार्यभार क्यों संभाल रहे हैं?
31 अक्टूबर 2026 को एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित वायुसेना के 29वें प्रमुख का पद ग्रहण करेंगे, जिससे उप प्रमुख का पद रिक्त होगा। इसी रिक्त पद पर एयर मार्शल वालिया 1 नवंबर 2026 से कार्यभार संभालेंगे।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह कब और क्यों सेवानिवृत्त हो रहे हैं?
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 31 अक्टूबर 2026 को लगभग 42 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके स्थान पर एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित वायुसेना प्रमुख का पद संभालेंगे।
एयर मार्शल वालिया को कौन-कौन से पुरस्कार मिले हैं?
एयर मार्शल वालिया को वर्ष 2008 में वायु सेना पदक (VM) और वर्ष 2018 में अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा उनके पास रक्षा और सामरिक अध्ययन में तीन स्नातकोत्तर डिग्रियाँ भी हैं।
एयर मार्शल वालिया ने किन देशों में रक्षा अताशे के रूप में सेवाएँ दी हैं?
एयर मार्शल वालिया जापान और दक्षिण कोरिया स्थित भारतीय दूतावासों में रक्षा अताशे के रूप में तैनात रहे हैं। यह भूमिका भारत के रणनीतिक रक्षा संबंधों को मज़बूत करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 23 घंटे पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले