एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की विदाई: राष्ट्रपति मुर्मु से भेंट, राजनाथ ने 42 साल की सेवा को सराहा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 31 अक्टूबर 2026 को 42 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले, 30 अक्टूबर को, उन्होंने अपनी पत्नी सरिता सिंह के साथ राष्ट्रपति भवन पहुँचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की। इसी दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक औपचारिक समारोह में उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी।
रक्षा मंत्री ने की सेवा की सराहना
विदाई समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के राष्ट्र के प्रति समर्पण, विशिष्ट सेवाओं और अनुकरणीय नेतृत्व की विशेष सराहना की। उन्होंने भारतीय वायुसेना को सुदृढ़ बनाने में एपी सिंह के योगदान को रेखांकित करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के सफल संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का भी उल्लेख किया। राजनाथ सिंह ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और अनुभव ने वायुसेना की समग्र क्षमताओं को नई ऊँचाई दी है।
31 अक्टूबर को औपचारिक विदाई कार्यक्रम
31 अक्टूबर 2026 को एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का विधिवत विदाई कार्यक्रम निर्धारित है। इस दिन वे सबसे पहले राष्ट्रीय समर स्मारक पहुँचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वायुसेना स्टेशन, नई दिल्ली में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया जाएगा और इसी के साथ उनके 42 वर्षीय गौरवशाली सेवाकाल का समापन होगा।
उड़ान से जुड़ी यादगार विरासत
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 28 जनवरी 1984 को अपनी पहली उड़ान भरी थी और चार दशकों से अधिक समय तक लड़ाकू विमानों से उनका गहरा नाता रहा। 20 अक्टूबर 2026 को उन्होंने किरण एमके-1 प्रशिक्षण विमान में अपनी अंतिम उड़ान भरी — और इस विशेष उड़ान में उनके पहले उड़ान प्रशिक्षक, सेवानिवृत्त विंग कमांडर वी.एस. कोचर भी उनके साथ मौजूद थे। इससे पहले उन्होंने स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान में अपनी अंतिम लड़ाकू उड़ान भरी थी।
उपराष्ट्रपति से भी हुई मुलाकात
गौरतलब है कि 30 अक्टूबर से कुछ दिन पहले, गुरुवार को, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में भेंट की थी। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब वे अपनी जिम्मेदारियों के अंतिम चरण में थे। उनके कार्यकाल में वायुसेना ने ऑपरेशनल तैयारियों, आधुनिक सैन्य क्षमताओं और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप अपनी तैयारी पर निरंतर ध्यान केंद्रित किया।
नए वायुसेना प्रमुख की नियुक्ति
सरकार ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को अगला वायुसेना प्रमुख नियुक्त किया है, जो 31 अक्टूबर 2026 को पदभार संभालेंगे। एपी सिंह के बाद वायुसेना को एक अनुभवी नेतृत्व सौंपने की यह प्रक्रिया ऐसे समय में पूरी हो रही है जब भारत की सामरिक और हवाई सुरक्षा चुनौतियाँ तेज़ी से बदल रही हैं। नए प्रमुख के सामने ऑपरेशन सिंदूर के बाद की परिचालन विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।