एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने एनसीसी कैडेट तेजस्वी रेड्डी को किरण विमान में उड़ान के गुर सिखाए
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 20 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद के डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में एनसीसी कैडेट जक्कुला तेजस्वी रेड्डी के साथ किरण विमान में उड़ान भरी। इस पहल का उद्देश्य कैडेट को विमानन का व्यावहारिक अनुभव देना और पायलट बनने के उनके सपने को प्रोत्साहित करना था।
उड़ान की तैयारी और प्रक्रिया
उड़ान से पूर्व कैडेट तेजस्वी को विमान के कॉकपिट से परिचित कराया गया। उन्हें सुरक्षा संबंधी निर्देश, आपात स्थिति में विमान से बाहर निकलने की प्रक्रिया और आवश्यक चिकित्सकीय जाँच से गुज़रना पड़ा।
इससे पहले एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कैडेट को किरण विमान की विशेषताओं, उसके प्रमुख हिस्सों, इंजन के काम करने के तरीके, कॉकपिट प्रक्रियाओं और सुरक्षा प्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी।
उड़ान के दौरान क्या सीखा कैडेट ने
उड़ान के दौरान वायुसेना प्रमुख ने तेजस्वी को विमान की विभिन्न उड़ान कलाओं — जैसे अलग-अलग कोणों पर विमान उड़ाना और तीखे मोड़ लेने की प्रक्रिया — से अवगत कराया। उन्होंने अपनी देखरेख में कैडेट को इन कलाओं का अभ्यास करने का अवसर भी दिया।
इस अनुभव से कैडेट को यह समझने में मदद मिली कि विमान उड़ाने के लिए केवल तकनीकी ज्ञान नहीं, बल्कि सही निर्णय क्षमता, सतर्कता और सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन भी उतना ही ज़रूरी है।
वायुसेना प्रमुख का विदाई से पहले अंतिम अध्याय
गौरतलब है कि यह उड़ान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की अपने पहले उड़ान प्रशिक्षक के साथ होने वाली अंतिम उड़ान से ठीक पहले भरी गई। वायुसेना प्रमुख इसी महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना के अगले प्रमुख का पद संभालेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब वायुसेना प्रमुख अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में भी युवा पीढ़ी को प्रेरित करने की पहल कर रहे हैं — जो उनके नेतृत्व की एक विशिष्ट छाप छोड़ता है।
एनसीसी और विकसित भारत-2047 का लक्ष्य
राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की वायु शाखा के माध्यम से युवाओं को उड़ान का व्यावहारिक अनुभव और रक्षा सेवाओं में करियर की संभावनाएँ समझने का अवसर मिलता है। एनसीसी अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार कर युवाओं में कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप इस पहल का प्रयास है कि युवा अपनी प्रतिभा को निखारें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें। एनसीसी कैडेट तेजस्वी रेड्डी की यह उड़ान उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है जो वायुसेना में करियर बनाने का सपना देखते हैं।