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तेजस में उड़े भारत-जापान के वायुसेना प्रमुख, 'वीर गार्जियन 2026' के अंतिम चरण में बढ़ा रक्षा सहयोग

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तेजस में उड़े भारत-जापान के वायुसेना प्रमुख, 'वीर गार्जियन 2026' के अंतिम चरण में बढ़ा रक्षा सहयोग

सारांश

जोधपुर में 'वीर गार्जियन 2026' के अंतिम चरण में भारत और जापान के वायुसेना प्रमुखों ने तेजस में उड़ान भरी — पहली बार जापानी लड़ाकू विमान भारत में संयुक्त अभ्यास का हिस्सा बने। यह रक्षा सहयोग और स्वदेशी तेजस की वैश्विक साख दोनों के लिए मील का पत्थर है।

मुख्य बातें

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और जनरल ताकेहिरो मोरिता ने 20 सितंबर 2026 को जोधपुर से स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान में उड़ान भरी।
संयुक्त हवाई अभ्यास 'वीर गार्जियन 2026' 9 से 22 सितंबर 2026 तक जोधपुर में आयोजित हो रहा है।
पहली बार जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के लड़ाकू विमान ( F-2A ) भारत में किसी संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास में शामिल हुए।
भारतीय वायुसेना ने तेजस (LCA) , सुखोई-30 MKI और राफेल के साथ अभ्यास में भाग लिया।
अभ्यास का उद्देश्य ऑपरेशनल तालमेल, युद्धक समन्वय और संयुक्त अभियान क्षमता को मजबूत करना है।

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल ताकेहिरो मोरिता ने 20 सितंबर 2026 को जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन से भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरी। यह उड़ान संयुक्त हवाई अभ्यास 'वीर गार्जियन 2026' के अंतिम चरण के दौरान हुई, जो भारत-जापान रक्षा संबंधों में गहरे होते विश्वास का प्रतीक बनी।

तेजस की उड़ान: क्या हुआ

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने तेजस में एकल उड़ान भरी, जबकि जनरल ताकेहिरो मोरिता ने भी उसी विमान में उड़ान का अनुभव लिया। दोनों वायुसेना प्रमुखों की जोधपुर के आकाश में यह उड़ान महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की स्वदेशी हवाई शक्ति को कूटनीतिक मंच पर सामने रखने का सुविचारित प्रयास थी।

गौरतलब है कि तेजस भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है और यह 'आत्मनिर्भर भारत' की रक्षा क्षेत्र में सबसे ठोस उपलब्धियों में से एक माना जाता है।

वीर गार्जियन 2026: मुख्य घटनाक्रम

संयुक्त हवाई अभ्यास 'वीर गार्जियन 2026' 9 सितंबर से 22 सितंबर 2026 तक जोधपुर में आयोजित हो रहा है। इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के तेजस (LCA), सुखोई-30 MKI और राफेल जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान शामिल हैं।

जापानी पक्ष से F-2A लड़ाकू विमान इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं। यह पहला अवसर है जब जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के लड़ाकू विमान भारत की धरती पर किसी संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास में भाग ले रहे हैं — एक ऐतिहासिक कदम जो दोनों देशों के बीच तेज़ी से बढ़ते सैन्य सहयोग को रेखांकित करता है।

अभ्यास का उद्देश्य और महत्व

दोनों वायुसेनाओं ने इस अभ्यास में युद्ध जैसी परिस्थितियों में एयर स्ट्राइक अभियानों का व्यापक अभ्यास किया है। ऑपरेशनल तालमेल, संयुक्त अभियानों के दौरान समन्वय और एक-दूसरे की युद्धक प्रक्रियाओं को समझना इसके मुख्य उद्देश्य रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और भारत तथा जापान दोनों अपनी-अपनी रणनीतिक साझेदारियों को नई गहराई दे रहे हैं। Quad के सदस्य के रूप में दोनों देश पहले से ही वैचारिक और राजनयिक स्तर पर करीब हैं; 'वीर गार्जियन 2026' इस साझेदारी को ऑपरेशनल ज़मीन पर उतारने की कोशिश है।

आम जनता और रक्षा उद्योग पर असर

जनरल मोरिता जैसे वरिष्ठ विदेशी सैन्य अधिकारी द्वारा तेजस में उड़ान भरना भारत के लिए निर्यात कूटनीति की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। भारत कई देशों को तेजस बेचने की संभावनाएं तलाश रहा है और इस तरह की उड़ानें विमान की विश्वसनीयता और क्षमता का व्यावहारिक प्रदर्शन करती हैं।

'वीर गार्जियन 2026' के समापन के साथ दोनों देशों की वायुसेनाएं भविष्य के संयुक्त अभियानों के लिए एक ठोस परिचालन आधार तैयार कर चुकी होंगी।

क्या होगा आगे

अभ्यास 22 सितंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, इस सफल अभ्यास के बाद दोनों देशों के बीच भविष्य में और अधिक नियमित संयुक्त अभ्यासों तथा संभावित रक्षा प्रौद्योगिकी साझेदारी की नींव रखी जा सकती है। जोधपुर के आकाश में तेजस की यह उड़ान भारत-जापान रक्षा सहयोग के एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ स्वदेशी उपकरणों को अब साझेदारी की मेज़ पर सामने रखा जाता है। 'वीर गार्जियन' की पहली बार भारत में मेज़बानी और जापानी F-2A की उपस्थिति बताती है कि Quad का वैचारिक ढाँचा अब ऑपरेशनल स्तर पर उतर रहा है। हालाँकि असली कसौटी यह होगी कि क्या यह सहयोग नियमित, संस्थागत और तकनीकी साझेदारी में बदलता है — या इकलौते प्रतीकात्मक अभ्यासों तक सीमित रहता है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीर गार्जियन 2026 क्या है और यह कहाँ हो रहा है?
'वीर गार्जियन 2026' भारत और जापान की वायुसेनाओं का संयुक्त हवाई अभ्यास है, जो 9 से 22 सितंबर 2026 तक जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर आयोजित किया जा रहा है। इसमें दोनों देशों के लड़ाकू विमान युद्ध जैसी परिस्थितियों में संयुक्त अभियानों का अभ्यास कर रहे हैं।
तेजस में जापान के वायुसेना प्रमुख की उड़ान क्यों खास है?
जनरल ताकेहिरो मोरिता द्वारा भारत के स्वदेशी तेजस में उड़ान भरना भारत-जापान रक्षा विश्वास का प्रत्यक्ष प्रदर्शन है। यह तेजस की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता और संभावित निर्यात कूटनीति के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत है।
वीर गार्जियन 2026 में कौन-कौन से लड़ाकू विमान भाग ले रहे हैं?
भारतीय वायुसेना की ओर से तेजस (LCA), सुखोई-30 MKI और राफेल शामिल हैं, जबकि जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स ने अपने F-2A लड़ाकू विमान के साथ भाग लिया है।
क्या यह पहली बार है जब जापानी लड़ाकू विमान भारत में अभ्यास में शामिल हुए?
हाँ, 'वीर गार्जियन 2026' में पहली बार जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के लड़ाकू विमान भारत में किसी संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास का हिस्सा बने हैं, जो दोनों देशों के रक्षा संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
यह अभ्यास भारत-जापान संबंधों के लिए कितना महत्वपूर्ण है?
Quad के सदस्य होने के नाते भारत और जापान पहले से कूटनीतिक स्तर पर करीब हैं। 'वीर गार्जियन 2026' इस साझेदारी को ऑपरेशनल स्तर पर मजबूत करता है और भविष्य में नियमित संयुक्त अभ्यासों तथा रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग की नींव रखता है।
राष्ट्र प्रेस
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