जोधपुर में वायुसेना का बहुराष्ट्रीय अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2.0’ होगा आयोजित, जानें विवरण

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जोधपुर में वायुसेना का बहुराष्ट्रीय अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2.0’ होगा आयोजित, जानें विवरण

सारांश

भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय वायु सैन्य अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2.0’ इस वर्ष जोधपुर में आयोजित होगा। जानिए इस अभ्यास की विशेषताएँ और तैयारी के बारे में।

Key Takeaways

  • तरंग शक्ति 2.0 का आयोजन जोधपुर में होगा।
  • यह अभ्यास विभिन्न मित्र देशों के साथ संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा।
  • पहला चरण सुलूर में और दूसरा चरण जोधपुर में होगा।
  • इसमें कई प्रमुख देशों के फाइटर जेट्स शामिल होंगे।
  • यह अभ्यास भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा।

जोधपुर, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय वायुसेना ने वर्ष 2024 में अपने सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय वायु सैन्य अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ की शुरुआत की थी। इसी क्रम में, वर्ष 2026 में ‘तरंग शक्ति’ का दूसरा संस्करण आयोजित किया जाएगा।

रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष यह अभ्यास राजस्थान के जोधपुर में होने जा रहा है। सितंबर और अक्टूबर के बीच, पाकिस्तान सीमा के निकट, विभिन्न मित्र देशों के फाइटर जेट भारतीय वायुसेना के विमानों के साथ संयुक्त अभ्यास करेंगे। यह अंतरराष्ट्रीय अभ्यास लगभग दो सप्ताह तक चलेगा।

तरंग शक्ति का पहला संस्करण दो चरणों में संपन्न हुआ था। पहला चरण तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस पर और दूसरा चरण राजस्थान के जोधपुर में आयोजित हुआ था।

तरंग शक्ति 2024 की शुरुआत सुलूर में 6 अगस्त से हुई थी। पहला चरण 6 अगस्त से 14 अगस्त तक चला, जिसमें फ्रांस के रफाल, जर्मनी, स्पेन और ब्रिटेन के यूरोफाइटर टाइफून फाइटर जेट शामिल थे। भारतीय वायुसेना के प्रमुख प्लेटफार्मों में रफाल, सुखोई, मिराज, जैगुआर, तेजस, मिग-29 और प्रचंड शामिल थे, जिन्होंने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

दूसरा चरण जोधपुर में 29 अगस्त से शुरू हुआ और 14 सितंबर तक चला। इस चरण में मित्र देशों के 27 फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल थे, जिनमें ऑस्ट्रेलिया का ईए-18जी, ग्रीस का एफ-16, यूएई का एफ-16 और अमेरिका के ए-10 तथा एफ-16 शामिल हैं। इसके साथ ही, 2 रीफ्यूलर टैंकर, 2 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम और 3 विशेष बलों के एयरक्राफ्ट भी इस अभ्यास का हिस्सा बने थे।

इस दौरान, खासतौर पर अमेरिका के ए-10 और ऑस्ट्रेलिया के ईए-18जी विमानों पर ध्यान केंद्रित रहा। तरंग शक्ति 2024 में पहली बार, भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना के वाइस चीफ ने एक साथ स्वदेशी फाइटर एयरक्राफ्ट तेजस में उड़ान भरी थी। मौजूदा वायुसेना प्रमुख और उस समय के भारतीय वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल एपी सिंह तेजस फाइटर को उड़ाते हुए इस फॉर्मेशन का नेतृत्व कर रहे थे।

फ्रांस और जर्मनी के वायुसेना प्रमुखों ने भी तेजस में उड़ान भरी थी, जबकि स्पेन के वायुसेना प्रमुख ने सुखोई एसयू-30एमकेआई में उड़ान भरी थी।

Point of View

बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। मित्र देशों के साथ मिलकर अभ्यास करने से हमारी रणनीतिक स्थिति मजबूत होगी।
NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

तरंग शक्ति 2.0 कब आयोजित होगा?
तरंग शक्ति 2.0 का आयोजन वर्ष 2026 में किया जाएगा।
यह अभ्यास कहाँ होगा?
यह अभ्यास जोधपुर, राजस्थान में आयोजित होगा।
इस अभ्यास में कौन से देशों के फाइटर जेट शामिल होंगे?
इस अभ्यास में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, यूएई जैसे देशों के फाइटर जेट शामिल होंगे।
तरंग शक्ति का पहला संस्करण कब हुआ था?
तरंग शक्ति का पहला संस्करण वर्ष 2024 में हुआ था।
इस अभ्यास का महत्व क्या है?
यह अभ्यास अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण है।
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