'मेक इन इंडिया' को नई उड़ान: जीई एयरोस्पेस और भारतीय वायुसेना ने तेजस जेट इंजन के लिए रिपेयर सेंटर स्थापित करने पर किया समझौता
सारांश
Key Takeaways
- जीई एयरोस्पेस और भारतीय वायुसेना का समझौता 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देगा।
- भारत में एफ404-आईएन20 इंजन के लिए रिपेयर और मेंटेनेंस सुविधा स्थापित होगी।
- इससे तेजस फाइटर जेट की उपलब्धता में सुधार होगा।
- जीई तकनीकी सहयोग और उपकरण उपलब्ध कराएगा।
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 'मेक इन इंडिया' पहल को और भी मजबूती देने के लिए अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस ने भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस समझौते के अंतर्गत भारत में एफ404-आईएन20 इंजन के लिए एक रिपेयर और मेंटेनेंस सुविधा (डिपो) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जो एचएएल के तेजस फाइटर जेट को शक्ति प्रदान करता है।
यह नई सुविधा पूरी तरह से भारत में निर्मित की जाएगी और इसका संचालन भारतीय वायुसेना द्वारा किया जाएगा, जबकि जीई एयरोस्पेस तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत की स्वदेशी रक्षा मेंटेनेंस क्षमता को बढ़ाना और विदेशी निर्भरता को कम करना है।
जब यह सुविधा चालू हो जाएगी, तो इंजन की मरम्मत और रखरखाव में लगने वाला समय काफी घट जाएगा, जिससे तेजस फाइटर जेट की उपलब्धता में सुधार होगा।
समझौते के अनुसार, यह डिपो भारतीय वायुसेना के पूर्ण स्वामित्व और संचालन में रहेगा, और जीई एयरोस्पेस तकनीकी विशेषज्ञता, प्रशिक्षण, सपोर्ट स्टाफ, आवश्यक स्पेयर पार्ट्स और विशेष उपकरण उपलब्ध कराएगा।
जीई एयरोस्पेस की डिफेंस एंड सिस्टम्स सेल्स और बिजनेस डेवलपमेंट की उपाध्यक्ष रीटा फ्लेहर्टी ने कहा कि यह साझेदारी भारत की सशस्त्र सेनाओं को मजबूत करने के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस नई सुविधा से तेजस बेड़े के लिए एफ404-आईएन20 इंजनों की उपलब्धता में सुधार होगा और भारतीय वायुसेना को समय पर नवीनतम तकनीक मिलेगी।
जीई एयरोस्पेस ने भारतीय रक्षा क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति का भी उल्लेख किया। कंपनी के इंजन भारतीय नौसेना के पी-8I समुद्री निगरानी विमान और एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ भारतीय वायुसेना के एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टरों में भी उपयोग होते हैं।
इसके अलावा, कंपनी का एलएम2500 मरीन गैस टर्बाइन आईएनएस विक्रांत और पी-17 शिवालिक क्लास फ्रिगेट्स में भी उपयोग किया गया है।
कंपनी पिछले 40 वर्षों से भारत के एविएशन सेक्टर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। पुणे में इसका मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और देश के 13 पार्टनर्स इसकी ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़े हुए हैं, जिससे भारत में इसकी उपस्थिति और भी मजबूत हुई है।