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झारखंड हाईकोर्ट ने ओपन जेल की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने का आदेश दिया

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झारखंड हाईकोर्ट ने ओपन जेल की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने का आदेश दिया

सारांश

झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य की ओपन जेलों की निगरानी को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा। जानें इस फैसले के पीछे की वजह और इसका महत्व।

मुख्य बातें

झारखंड हाईकोर्ट ने ओपन जेलों की निगरानी के लिए कमेटी का गठन किया।
कमेटी में गृह सचिव, आईजी प्रिजन और जेल सुपरिटेंडेंट शामिल होंगे।
अगली सुनवाई ११ जून को निर्धारित है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाएगा।
कैदियों के पुनर्वास पर ध्यान दिया जाएगा।

रांची, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड हाईकोर्ट ने ओपन जेल में सुविधाओं की उपलब्धता और उनकी निगरानी के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं।

सोमवार को चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। खंडपीठ ने राज्य सरकार को गृह सचिव की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाने का निर्देश दिया।

अदालत ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इस कमेटी में आईजी प्रिजन और संबंधित ओपन जेल के जेल सुपरिटेंडेंट को शामिल किया जाए, ताकि ओपन जेलों की व्यवस्था की प्रभावी निगरानी हो सके। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक कमेटी के गठन की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

इस मामले की अगली सुनवाई ११ जून को तय की गई है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने अपना पक्ष रखा। असल में, सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को ओपन जेलों की स्थितियों में सुधार और नियमित निगरानी के लिए गृह विभाग के तहत एक कमेटी बनाने का निर्देश दिया है।

इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य ओपन जेलों में कैदियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना और उनके पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाना है। शीर्ष अदालत के निर्देशों के तहत गठित कमेटी को ओपन जेलों में जिम, चिकित्सा सुविधा, भोजन की गुणवत्ता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का मूल्यांकन कर उन्हें बेहतर बनाने के लिए कार्य करना है।

साथ ही, कैदियों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सामाजिक पुनर्वास को सुदृढ़ करने के लिए भी पहल की जाने का निर्देश दिया गया है। इसी संदर्भ में, झारखंड हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उन्हें समाज में पुनर्स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड हाईकोर्ट ने कब ओपन जेल निगरानी के लिए कमेटी बनाने का निर्देश दिया?
झारखंड हाईकोर्ट ने १३ अप्रैल को ओपन जेलों की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने का निर्देश दिया।
इस कमेटी में कौन शामिल होगा?
इस कमेटी में गृह सचिव, आईजी प्रिजन और संबंधित ओपन जेल का जेल सुपरिटेंडेंट शामिल होगा।
कमेटी का उद्देश्य क्या है?
कमेटी का उद्देश्य ओपन जेलों में कैदियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना और उनके पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम उठाना है।
अगली सुनवाई कब होगी?
मामले की अगली सुनवाई ११ जून को निर्धारित की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने ओपन जेलों के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को ओपन जेलों की स्थिति सुधारने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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