अक्षय तृतीया 2024: सोने के अलावा ये चीजें खरीदना होगा बेहद शुभ
सारांश
Key Takeaways
- अक्षय तृतीया को शुभ दिन माना जाता है।
- इस दिन सोने की खरीदारी का विशेष महत्व है।
- सोना खरीदने के अलावा अन्य चीजें भी शुभ हैं।
- पूजा और दान करना फलदायी होता है।
- महंगाई के चलते विकल्पों पर ध्यान दें।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ और पवित्र दिन माना जाता है। इसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। यह बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है। 'अक्षय' शब्द का अर्थ है 'कभी कम न होने वाला'। इसीलिए इस दिन किए गए किसी भी शुभ कार्य, दान, जप या यज्ञ का फल कभी समाप्त नहीं होता बल्कि सदैव बढ़ता रहता है।
इस वर्ष अक्षय तृतीया रविवार, 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन सोना खरीदने की परंपरा प्राचीन है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई सोना कभी क्षय नहीं होती और इसमें निरंतर वृद्धि होती है। यह दिन सौभाग्य, समृद्धि और सफलता देने वाला माना जाता है। केवल सोना ही नहीं, किए गए पुण्य कर्म भी समाप्त नहीं होते और कई गुना फल प्राप्त होता है।
दृक पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया की पूजा का मुहूर्त रविवार सुबह 10 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। वहीं, तृतीया तिथि 19 अप्रैल की सुबह 10 बजकर 49 मिनट से 20 अप्रैल की सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगी।
इस शुभ मुहूर्त में पूजा, दान और नई चीजें खरीदना अत्यंत फलदायी होता है। इस दिन सोने का विशेष महत्व है क्योंकि सोना खरीदने से सूर्य देव और माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं। सोना खरीदने से धन-समृद्धि में वृद्धि होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
हालांकि, महंगाई के इस दौर में सोना खरीदना हर किसी के लिए संभव नहीं होता। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अक्षय तृतीया पर सोना न खरीद पाने पर निराश होने की आवश्यकता नहीं है। इसके विकल्प के रूप में कुछ चीजें खरीदना भी बहुत शुभ माना जाता है-
मिट्टी का बर्तन – यह मंगल ग्रह को मजबूत करता है, कर्ज मुक्ति और अड़चनों से राहत दिलाता है।
रूई – यह शुक्र ग्रह से संबंधित है, माता लक्ष्मी की कृपा बरसती है और दरिद्रता दूर होती है।
हल्दी की गांठ – यह गुरु ग्रह को बल देती है, जीवन में स्थिरता और सम्मान बढ़ाती है।
पीली सरसों – यह दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है।
पीली कौड़ी – यह धन, संपत्ति और समृद्धि को आकर्षित करती है।
इनके अतिरिक्त, तांबा खरीदना भी शुभ माना जाता है। यह सूर्य को मजबूत करता है और सामाजिक मान-प्रतिष्ठा बढ़ाता है। इसके साथ ही इस दिन सफेद चीजों जैसे दूध, दही, चावल, खीर का दान करना विशेष फलदायी होता है। आदि शंकराचार्य द्वारा रचित कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। नए वस्त्र, आभूषण, या घर/संस्थान का उद्घाटन करना भी शुभ माना जाता है।