अक्षय तृतीया पर सोने और चांदी में निवेश: पिछले 5 वर्षों में 255% रिटर्न का लाभ
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रविवार को पूरे भारत में धूमधाम से अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जा रहा है। इस खास दिन पर सोने और चांदी में निवेश करना अत्यधिक शुभ माना जाता है, जिससे समृद्धि में वृद्धि होती है।
पिछले पांच वर्षों में अक्षय तृतीया पर सोने और चांदी में निवेश करना निवेशकों के लिए लाभकारी साबित हुआ है। इस अवधि में सोने ने लगभग 218 प्रतिशत और चांदी ने 255 प्रतिशत का रिटर्न प्रदान किया है।
इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, पांच वर्ष पूर्व 14 मई, 2021 को 24 कैरेट सोने की कीमत 47,757 रुपए प्रति 10 ग्राम थी, जो अब बढ़कर 1,51,655 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है।
इस दौरान सोने ने 26 प्रतिशत की सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) का रिटर्न दिया है, जबकि कुल संचयी रिटर्न 217.55 प्रतिशत रहा है।
वहीं, पिछले पांच वर्षों में चांदी की कीमत 70,360 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2,49,940 रुपए प्रति किलो हो गई है।
इस अवधि में चांदी ने 28.8 प्रतिशत की सीएजीआर का रिटर्न दिया है, और कुल संचयी रिटर्न 255.23 प्रतिशत रहा है।
इस समीक्षा अवधि में चांदी ने सोने को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि उतार-चढ़ाव के बावजूद, सोने और चांदी में दीर्घकालिक निवेशकों के लिए लाभदायक साबित हुए हैं और वे लगातार धन सृजन में सहायक रहे हैं।
पिछला एक वर्ष भी सोने और चांदी के लिए उत्कृष्ट रहा है। इस दौरान सोने ने 60 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने 160 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है।
सोने में वृद्धि का कारण वैश्विक अस्थिरता और केंद्रीय बैंकों द्वारा निरंतर खरीदारी है, जबकि चांदी में तेजी का कारण औद्योगिक मांग में वृद्धि है।