शिवराज सिंह चौहान ने देवास में की विकास समीक्षा, 'लखपति दीदियों' की संख्या 72,000 करने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 1 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश के देवास जिले का दौरा कर विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की और किसानों, महिलाओं, युवाओं तथा वंचित वर्गों के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य और रोज़गार के क्षेत्रों में ठोस कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई।
कृषि रोडमैप और किसानों की आय
चौहान ने बताया कि देवास की मिट्टी, जलवायु और पानी की उपलब्धता का विस्तृत अध्ययन करने के बाद जिले के लिए एक विशेष कृषि रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, "जिले की मिट्टी, जलवायु, पानी की उपलब्धता और स्थानीय स्थिति का अध्ययन करने के बाद हमने कृषि का रोडमैप तैयार किया है। इससे खेती में सुधार होगा और किसानों की आय बढ़ेगी।" किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से बेहतर बीज, उपयुक्त फसलें, बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण: 'लखपति दीदियाँ' लक्ष्य
बैठक में महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। चौहान ने घोषणा की कि देवास में 'लखपति दीदियों' की संख्या मौजूदा 35,000 से बढ़ाकर 72,000 करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा, कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा और स्वरोज़गार के लिए बैंकों से आसान ऋण दिलाने में सहायता प्रदान की जाएगी।
सिंचाई और पेयजल परियोजनाएँ
बैठक में चिपानेर लिफ्ट सिंचाई योजना और माँ रेवा लिफ्ट सिंचाई योजना सहित कई सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। चौहान ने बताया कि वन विभाग की मंजूरी मिलते ही एक बड़ी सिंचाई परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को खातेगांव क्षेत्र में पेयजल परियोजनाओं में हो रही देरी को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के कई ज़िलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
स्वास्थ्य और आयुष्मान भारत
केंद्रीय मंत्री ने तीन महीने का विशेष अभियान चलाकर 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों सहित सभी पात्र नागरिकों को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा, "हम देवास को टीबी-मुक्त और कुपोषण-मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। इलाज, पोषण सहायता दी जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले।"
रोज़गार और ग्रामीण विकास
चौहान ने स्पष्ट किया कि गाँवों में विकास कार्य 'विकसित भारत: रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) योजना' के अंतर्गत स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर किए जाएंगे। युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर और बैंक ऋण दिलाने में सहायता कर स्वरोज़गार को बढ़ावा देने की भी योजना है। बैठक में जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। घोषणाओं के क्रियान्वयन की निगरानी दिशा समिति के माध्यम से की जाएगी।