लखपति दीदी योजना: शिवराज सिंह चौहान ने मुंबई में SHG बहनों से सुनीं बैंक लोन की परेशानियाँ
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार, 3 सितंबर को मुंबई में लखपति दीदी योजना से जुड़ी महिलाओं और स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्यों के साथ सीधा संवाद किया। इस बैठक में बैंक ऋण प्रक्रिया की जटिलताओं से लेकर कागज़ी अड़चनों तक की समस्याएँ सामने आईं।
क्या बोले शिवराज सिंह चौहान
चौहान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'बहनों से कनेक्शन भी दिल का, कन्वर्सेशन भी दिल से।' उन्होंने बताया कि बहनों ने बैंक लोन मिलने की सराहना भी की, लेकिन साथ ही कागज़ी प्रक्रिया और अन्य कठिनाइयों से भी अवगत कराया। चौहान के अनुसार, इन समस्याओं का समाधान निकालने के लिए बैंकरों के साथ बैठक की जाएगी।
लखपति दीदी अभियान की स्थिति
अपने वीडियो संदेश में चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प 3 करोड़ लखपति दीदियाँ बनाने का है। उन्होंने बताया कि अब तक 2 करोड़ महिलाएँ लखपति दीदी का दर्जा हासिल कर चुकी हैं और शेष महिलाओं को इस लक्ष्य तक पहुँचाने का अभियान जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार ग्रामीण महिला उद्यमिता को नीतिगत प्राथमिकता दे रही है।
बैंकों की भूमिका और हेल्पलाइन की घोषणा
चौहान ने स्पष्ट किया कि लखपति दीदी बनने के लिए व्यवसाय और उसके लिए ऋण अनिवार्य है, इसलिए बैंकों की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने बताया कि मुंबई में बैंकर्स की बैठक में इन कठिनाइयों को रखा जाएगा। इसके अलावा, लोन प्रक्रिया में आने वाली परेशानियों के त्वरित समाधान के लिए एक हेल्पलाइन बनाने की भी घोषणा की गई, जिस पर महिलाएँ अपनी समस्याएँ दर्ज करा सकेंगी।
लखपति दीदी योजना क्या है
लखपति दीदी योजना भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की वार्षिक घरेलू आय को कम से कम ₹1 लाख तक पहुँचाना है। यह योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना — राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत संचालित है। गौरतलब है कि यह योजना ग्रामीण महिला सशक्तिकरण के व्यापक ढाँचे का हिस्सा है, जिसमें कौशल प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता और बाज़ार से जुड़ाव शामिल हैं।
आगे क्या होगा
मुंबई में बैंकरों के साथ होने वाली बैठक में SHG महिलाओं की ऋण संबंधी अड़चनों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रस्तावित हेल्पलाइन के ज़रिये समस्याओं के त्वरित निपटारे की व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाएगा, जो इस योजना की ज़मीनी पहुँच को और मज़बूत कर सकता है।