क्या लखपति दीदियां देश का गौरव और विकास की वाहक हैं? : शिवराज सिंह चौहान

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क्या लखपति दीदियां देश का गौरव और विकास की वाहक हैं? : शिवराज सिंह चौहान

सारांश

शिवराज सिंह चौहान ने स्वतंत्रता दिवस पर लखपति दीदियों और किसानों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि दीदियां न केवल देश की प्रगति का प्रतीक हैं, बल्कि उनके प्रयास ग्रामीण बदलावों के वाहक भी हैं। क्या यह नई सोच भारत की तस्वीर को बदल सकती है?

मुख्य बातें

लखपति दीदियों का विकास न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामूहिक प्रगति का भी प्रतीक है।
शिवराज सिंह चौहान का संदेश महिलाओं के सशक्तिकरण का है।
दीदियों का प्रयास ग्रामीण बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण है।
महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता की आवश्यकता।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आत्मनिर्भरता का प्रयास।

नई दिल्ली, 15 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने आईं, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की मध्य प्रदेश की दीदियों और राज्य के किसानों से अपने दिल्ली स्थित निवास पर मुलाकात की।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आप मेरे निवास पर पधारे, यह मेरे लिए अत्यंत खुशी का पल है। मेरे जीवन का एकमात्र लक्ष्य यही है कि देश की प्रत्येक बहन गरीबी से मुक्त रहे, लखपति बने, आत्मनिर्भर बने और सशक्त बनते हुए देश की प्रगति में भूमिका निभाए।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान उन्होंने 'लाडली बहना योजना' के तहत बेटियों की जिंदगी में बदलाव की कोशिश की। अब केंद्र में मंत्री की भूमिका में यही प्रयास है कि लखपति दीदियों का अधिक से अधिक कल्याण हो।

शिवराज सिंह ने दीदियों से कहा कि आप बेहतरीन काम कर रही हैं, लेकिन अभी और आगे जाना है। लखपति दीदी के बाद मिलेनियर दीदी बनना है। कोई कार्य कठिन नहीं, असंभव नहीं। एक बार ठान लिया तो किसी भी लक्ष्य को अर्जित किया जा सकता है। मुझे पूरी उम्मीद है कि दीदियां और आगे बढ़ते हुए सफलता की नई कहानियां लिखेंगी। लखपति दीदियां देश का गौरव हैं।

उन्होंने लखपति दीदियों से कहा कि आप ग्रामीण बदलाव की वाहक हैं। आपके प्रयास, प्रगति की नई तस्वीर उकेर सकते हैं। कोशिश करते रहिए, गांव में नशामुक्ति के लिए प्रयास करिए, मैं भी इसका समर्थन करते हुए पूरी मदद करूंगा। यह कोशिश तो जरूर हो सकती है कि कम से कम गांव में शराब नहीं बिके। उन्होंने महिला-पुरुष समानता पर बात करते हुए कहा कि बेटे-बेटियों में कोई भेदभाव नहीं। परिजनों को दोनों की परवरिश एक समान रूप से करनी चाहिए, साथ ही नैतिक और सांस्कृतिक शिक्षा का पाठ समान रूप से देना चाहिए।

मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आईं लखपति दीदियों ने भी पूरी उत्सुकता के साथ अपने अनुभव साझा किए और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जीवन में आए बदलाव के लिए केंद्रीय मंत्री के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने उनकी जिंदगी बदलने का काम किया है। आज वे आत्मनिर्भर हैं, सशक्त हैं, शिक्षा की ओर प्रेरित हैं, अपने बलबूते अपनी पहचान बना रही हैं, तो यह सिर्फ मिशन के वजह से ही संभव हो पाया है।

इस अवसर पर मध्य प्रदेश से आए किसानों ने भी केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के साथ संवाद किया। सभी किसान भाई-बहनों ने केंद्रीय मंत्री को दिल्ली आमंत्रण और जनकल्याण हेतु किए जा रहे प्रयासों से लिए हृदय से धन्यवाद दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह ग्रामीण समुदाय की समृद्धि और देश के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखपति दीदी कौन होती हैं?
लखपति दीदी वे महिलाएं हैं जो दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने लखपति दीदियों के लिए क्या कहा?
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लखपति दीदियां देश का गौरव हैं और उनके प्रयास ग्रामीण बदलाव में मददगार हैं।
क्या लखपति दीदियों का विकास ग्रामीण समाज पर असर डालता है?
हां, लखपति दीदियों का विकास ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव लाता है और परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुधारता है।
राष्ट्र प्रेस
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