गुजरात के किसानों को पीएम किसान की 22वीं किस्त में 1,028 करोड़ से अधिक की राशि मिलेगी
सारांश
Key Takeaways
- पीएम किसान योजना 22वीं किस्त का अनावरण 13 मार्च को होगा।
- गुजरात के लगभग 49.59 लाख किसान परिवारों को लाभ मिलेगा।
- कुल 1,028 करोड़ रुपए की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जाएगी।
- प्रधानमंत्री का संबोधन वर्चुअल होगा, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे।
- अब तक 21 किस्तों के माध्यम से 22,069 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं।
गुवाहाटी/गांधीनगर, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च को असम से ‘पीएम किसान सम्मान निधि योजना’ की 22वीं किस्त का अनावरण करेंगे।
गुजरात के सभी किसान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ वर्चुअल संवाद के माध्यम से इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।
कृषि और प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघानी ने कहा कि 22वीं किस्त के जारी होने से देशभर में 9.32 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा, जिसमें कुल 18,640 करोड़ रुपए वितरित किए जाएंगे।
वाघानी ने बताया कि इस किस्त के तहत, गुजरात में लगभग 49.59 लाख किसान परिवारों को 1,028 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
गांधीनगर में मुख्यमंत्री पटेल की अध्यक्षता में एक राज्य-स्तरीय आयोजन किया जाएगा।
यह पहल जिलों, तालुकों, कृषि विज्ञान केंद्रों, मार्केट यार्डों, किसान उत्पादक संगठनों, पीएम किसान समृद्धि केंद्रों और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों तक विस्तारित की जाएगी, जहां प्रधानमंत्री का संबोधन सीधा प्रसारित होगा। इस कार्यक्रम में अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति की उम्मीद है।
वाघानी ने गुजरात में अब तक पीएम किसान योजना के दायरे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 21 किस्तों के माध्यम से राज्य में 69.24 लाख लाभार्थी किसान परिवारों को 22,069 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हुई है।
पूरे भारत में 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को इस योजना के तहत 4,09,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मिली है।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त किसानों के लिए भारत की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर पहल को आगे बढ़ाती है, जिससे कृषि करने वाले परिवारों को समय पर वित्तीय सहायता सुनिश्चित होती है।
आज की कैबिनेट बैठक में चर्चा किए गए विषयों की जानकारी देते हुए वाघानी ने बताया कि गर्मियों के मौसम से पहले, मुख्यमंत्री ने राज्य के जलाशयों में पानी के स्तर की समीक्षा की ताकि पीने और सिंचाई के लिए पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
वाघानी ने कहा कि इस साल मॉनसून के दौरान अच्छी बारिश होने से राज्य के मुख्य जलाशयों में पानी का भंडारण काफी बेहतर हुआ है।