3 सितंबर 2026
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शिवराज सिंह चौहान ने मुंबई में लखपति दीदियों से की दिल की बात, बैंक लोन की अड़चनें दूर करने का वादा

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शिवराज सिंह चौहान ने मुंबई में लखपति दीदियों से की दिल की बात, बैंक लोन की अड़चनें दूर करने का वादा

सारांश

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुंबई में लखपति दीदियों की बैंकिंग अड़चनें सुनीं और समाधान के लिए बैंकर्स से बैठक का भरोसा दिया। 3 करोड़ के लक्ष्य में से 2 करोड़ दीदियाँ लखपति बन चुकी हैं — अब हेल्पलाइन के ज़रिए अंतिम-छोर की रुकावटें दूर करने की तैयारी है।

मुख्य बातें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 सितंबर को मुंबई में लखपति दीदियों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से सीधा संवाद किया।
प्रधानमंत्री मोदी के 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य में से अब तक 2 करोड़ दीदियाँ लखपति बन चुकी हैं।
महिलाओं ने बैंक ऋण और कागजी प्रक्रियाओं में आने वाली कठिनाइयाँ साझा कीं; चौहान ने बैंकर्स के साथ बैठकर समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
बैंक ऋण में दिक्कत झेलने वाली दीदियों के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन बनाने की घोषणा की गई।
यह योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत संचालित है और महिलाओं की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक करने का लक्ष्य रखती है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 सितंबर 2026 को मुंबई में लखपति दीदी योजना से जुड़ी महिलाओं और स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्यों के साथ सीधा संवाद किया। इस बैठक में महिलाओं ने बैंक ऋण प्राप्त करने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयाँ साझा कीं, जिन्हें मंत्री ने बैंकर्स के साथ बैठकर हल करने का आश्वासन दिया।

मुख्य घटनाक्रम

चौहान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'बहनों से कनेक्शन भी दिल का, कन्वर्सेशन भी दिल से।' उन्होंने बताया कि बैठक में बैंक ऋण और कागजी प्रक्रियाओं से जुड़ी परेशानियों को समझा गया। महिलाओं ने बैंक से ऋण मिलने की सराहना की, साथ ही उन अड़चनों का भी उल्लेख किया जो अभी भी बाधा बनती हैं।

लखपति दीदी योजना की स्थिति

चौहान ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प 3 करोड़ लखपति दीदियाँ बनाने का है। उन्होंने बताया कि अब तक 2 करोड़ दीदियाँ इस लक्ष्य को हासिल कर चुकी हैं और शेष महिलाओं को लखपति बनाने का अभियान निरंतर जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार ग्रामीण महिला उद्यमिता को नीतिगत प्राथमिकता दे रही है।

बैंकिंग अड़चनें और समाधान की पहल

मंत्री ने स्पष्ट किया कि लखपति दीदी बनने के लिए व्यवसाय और उसके लिए ऋण आवश्यक है, इसलिए बैंकों की भूमिका निर्णायक है। उसी दिन मुंबई में बैंकर्स की बैठक भी निर्धारित थी, जिसमें इन कठिनाइयों को रखकर समाधान तलाशने की योजना बनाई गई। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब किसी केंद्रीय मंत्री ने SHG महिलाओं की बैंकिंग शिकायतों को सीधे बैंकर्स की बैठक के एजेंडे में शामिल करने की बात कही है।

हेल्पलाइन का ऐलान

चौहान ने घोषणा की कि बैंक ऋण में दिक्कत झेलने वाली दीदियों के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन बनाई जाएगी। इस हेल्पलाइन पर समस्या दर्ज कराते ही तत्काल समाधान का प्रयास किया जाएगा। यह कदम योजना के क्रियान्वयन में आने वाली अंतिम-छोर की बाधाओं को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लखपति दीदी योजना क्या है

लखपति दीदी योजना भारत सरकार की एक केंद्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की वार्षिक घरेलू आय को कम से कम ₹1 लाख या उससे अधिक करना है। यह योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत संचालित है। आने वाले महीनों में इस योजना की गति और बैंकिंग सुधारों पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'लखपति' की परिभाषा में टिकाऊ आय शामिल है या केवल एकमुश्त लाभ। बैंकिंग अड़चनें — जो खुद लाभार्थियों ने मंत्री के सामने उठाईं — यह बताती हैं कि योजना का ढाँचा और ज़मीनी क्रियान्वयन अभी भी एक-दूसरे से कटे हुए हैं। हेल्पलाइन एक सकारात्मक कदम है, पर यह तब तक पर्याप्त नहीं होगी जब तक बैंकों की आंतरिक प्रक्रियाएँ सरल नहीं होतीं। मंत्री का बैंकर्स से सीधे बैठना सही दिशा है — देखना यह है कि यह बैठक केवल औपचारिकता बनती है या नीतिगत बदलाव लाती है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखपति दीदी योजना क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
लखपति दीदी योजना भारत सरकार की एक पहल है जिसका लक्ष्य ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की वार्षिक घरेलू आय को कम से कम ₹1 लाख तक पहुँचाना है। यह दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत चलाई जा रही है।
अब तक कितनी महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य में से अब तक 2 करोड़ महिलाएँ यह दर्जा हासिल कर चुकी हैं। शेष महिलाओं को लखपति बनाने का अभियान जारी है।
मुंबई में शिवराज सिंह चौहान ने लखपति दीदियों से क्या सुना?
महिलाओं ने बैंक ऋण मिलने की सराहना करते हुए कागजी प्रक्रियाओं और ऋण प्राप्ति में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयाँ भी साझा कीं। चौहान ने इन समस्याओं को उसी दिन मुंबई में हुई बैंकर्स की बैठक में रखने और समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
लखपति दीदियों के लिए हेल्पलाइन क्या होगी?
शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि बैंक ऋण लेने में दिक्कत झेलने वाली महिलाएँ इस हेल्पलाइन पर अपनी समस्याएँ दर्ज करा सकेंगी और तत्काल समाधान का प्रयास किया जाएगा। हेल्पलाइन का विस्तृत ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
लखपति दीदी योजना में बैंकों की क्या भूमिका है?
योजना के तहत महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने के लिए बैंक ऋण की आवश्यकता होती है, इसलिए बैंकों की भूमिका केंद्रीय है। चौहान ने कहा कि बैंकिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाना और ऋण की सुलभता सुनिश्चित करना इस योजना की सफलता के लिए अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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