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'स्कूल ठीक करो' अभियान पर BJP का विरोध क्यों? अभिजीत दिपके बोले — 'हम छात्रों की ए टीम हैं'

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'स्कूल ठीक करो' अभियान पर BJP का विरोध क्यों? अभिजीत दिपके बोले — 'हम छात्रों की ए टीम हैं'

सारांश

'स्कूल ठीक करो' अभियान पर BJP का विरोध क्यों — यह सवाल अभिजीत दिपके ने सीधे उठाया। 'बी टीम' के तमाम आरोपों को व्यंग्य से काटते हुए उन्होंने खुद को 'छात्रों की ए टीम' बताया और शिक्षा को दलगत राजनीति से ऊपर रखने की अपील की।

मुख्य बातें

अभिजीत दिपके ने 3 सितंबर को BJP से पूछा कि 'स्कूल ठीक करो' अभियान का विरोध क्यों किया जाता है।
उन्होंने कहा कि AAP , शिवसेना और NCP भी स्कूल सुधार की बात करती हैं — ऐसे प्रयासों का स्वागत होना चाहिए।
'बी टीम' के आरोपों को खारिज करते हुए दिपके ने कहा, 'हम स्टूडेंट्स की ए टीम हैं।' उन्होंने माना कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय और चुनाव लड़ने वाले लोगों की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल पूछे जाने चाहिए।
स्वर्ण समाज आयोग की मांग पर कहा कि यह मांग उठाने वालों को अपनी बात रखने का अधिकार है।

कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने 3 सितंबर को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान 'स्कूल ठीक करो' अभियान के विरोध पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को घेरा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेहतर स्कूल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सवाल किसी एक दल का एजेंडा नहीं, बल्कि देश के हर बच्चे के भविष्य से जुड़ा बुनियादी मसला है।

BJP पर सीधा सवाल

दिपके ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ-साथ महाराष्ट्र में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) भी सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की पैरवी कर रही हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जो भी व्यक्ति या संगठन स्कूलों की दशा सुधारना चाहता है, उसका स्वागत होना चाहिए।

दिपके ने सीधे पूछा कि जब भी स्कूल सुधार की बात उठती है, BJP के नेता इसका विरोध क्यों करने लगते हैं। उन्होंने कहा, 'क्या BJP को नहीं लगता कि शिक्षा महत्वपूर्ण है और देश के भविष्य के लिए अच्छे स्कूल ज़रूरी हैं?'

'बी टीम' के आरोपों पर पलटवार

दिपके पर AAP की 'बी टीम' होने और अरविंद केजरीवाल से फंडिंग लेने के आरोप लगते रहे हैं। इस पर उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अलग-अलग लोग उन्हें अलग-अलग दलों की 'बी टीम' बताते हैं — महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उन्हें कांग्रेस की 'बी टीम' कहते हैं, जबकि कुछ अन्य AAP से जोड़ते हैं।

उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर पहले यह तय कर लें कि वह आखिर किसकी 'बी टीम' हैं। दिपके ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हम किसी पार्टी की बी टीम नहीं हैं — हमारे हिसाब से हम स्टूडेंट्स की ए टीम हैं।'

शैक्षणिक योग्यता पर उठे सवाल

दिपके की अपनी डिग्री और शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इस पर उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तियों — विशेषकर चुनाव लड़ने वालों और संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों — से उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि पर सवाल पूछे जाने चाहिए। उन्होंने इस जवाबदेही को लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा बताया।

स्वर्ण समाज आयोग की मांग पर प्रतिक्रिया

देश के कई सांसदों द्वारा स्वर्ण समाज के लिए अलग आयोग बनाने की मांग पर दिपके ने कहा कि यह मांग उठाने वालों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। यह ऐसे समय में आया है जब आरक्षण और सामाजिक न्याय की बहस एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में है। आगे देखना होगा कि 'स्कूल ठीक करो' अभियान को लेकर राजनीतिक दलों के बीच यह बहस किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि कॉकरोच जनता पार्टी जैसे छोटे दल बिना संसदीय बहुमत के स्कूल सुधार की नीति को ज़मीन पर कैसे उतारेंगे। BJP का विरोध यदि वैचारिक है तो उसे स्पष्ट करना होगा; यदि राजनीतिक है तो यह शिक्षा को वोट-बैंक की गिरफ्त में रखने की पुरानी रणनीति का हिस्सा है — और यही मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'स्कूल ठीक करो' अभियान क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
'स्कूल ठीक करो' सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने से जुड़ा एक अभियान है, जिसे कई दल और संगठन समर्थन दे रहे हैं। अभिजीत दिपके के अनुसार BJP इस अभियान का विरोध करती है, जिसे लेकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं।
अभिजीत दिपके कौन हैं और कॉकरोच जनता पार्टी क्या है?
अभिजीत दिपके कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष हैं। यह एक छोटा राजनीतिक दल है जो मुख्यतः शिक्षा सुधार और छात्र हितों को केंद्र में रखकर राजनीति करने का दावा करता है।
दिपके पर AAP की 'बी टीम' होने का आरोप क्यों लगता है?
कुछ राजनीतिक हलकों में दिपके पर अरविंद केजरीवाल से फंडिंग लेने और AAP के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया जाता है। दिपके ने इसे खारिज करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उन्हें कांग्रेस की 'बी टीम' बताते हैं — इसलिए ये आरोप परस्पर विरोधाभासी हैं।
दिपके ने सार्वजनिक जीवन में लोगों की डिग्री पर क्या कहा?
दिपके ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तियों — विशेषकर चुनाव लड़ने वालों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों — की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए जाने चाहिए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक जवाबदेही का हिस्सा बताया।
स्वर्ण समाज आयोग की मांग पर दिपके का क्या रुख है?
अभिजीत दिपके ने कहा कि सांसदों द्वारा स्वर्ण समाज के लिए आयोग बनाने की मांग उठाना उनका अधिकार है। उन्होंने इस मांग पर कोई सीधा समर्थन या विरोध व्यक्त नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
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