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जयपुर में सीजेपी वॉलंटियर्स पर कथित हमला: अभिजीत दिपके बोले — भाजपा को चुनाव में जनता देगी जवाब

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जयपुर में सीजेपी वॉलंटियर्स पर कथित हमला: अभिजीत दिपके बोले — भाजपा को चुनाव में जनता देगी जवाब

सारांश

जयपुर में एक सरकारी स्कूल की बदहाली उजागर करने गए सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनकी टीम पर कथित हमले के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एमएमआरडीए भर्ती में धाँधली के आरोप भी लगाए और कहा — जनता अब जाग चुकी है।

मुख्य बातें

सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और वॉलंटियर्स पर जयपुर में कथित तौर पर पत्थरबाजी और मारपीट की गई, जिसमें महिला वॉलंटियर्स भी शामिल थीं।
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि एक सरकारी स्कूल भैंसों के बाड़े में चल रहा था और उसकी पड़ताल करने गई टीम पर हमला हुआ।
राजस्थान सरकार ने स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों की वीडियो-फोटोग्राफी पर रोक लगाने का प्रस्ताव पास किया है, जिसे दिपके ने पारदर्शिता-विरोधी बताया।
एमएमआरडीए भर्ती परीक्षा में कुछ उम्मीदवारों के 200 में से 200 अंक लाने और कई टॉपर एक ही केंद्र से होने पर दिपके ने अनियमितता का आरोप लगाया।
दिपके ने कहा कि एनसीईआरटी पाठ्यक्रम बदलाव उन लोगों द्वारा किए जा रहे हैं जो स्वयं शिक्षित नहीं हैं।
दिपके ने चेतावनी दी कि आने वाले चुनावों में जनता भाजपा को सबक सिखाएगी।

सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 21 अगस्त को छत्रपति संभाजीनगर में कहा कि जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने महिलाओं समेत सीजेपी वॉलंटियर्स के साथ मारपीट की और उन पर पत्थर फेंके। दिपके ने चेतावनी दी कि आने वाले चुनावों में जनता इस व्यवहार का हिसाब माँगेगी।

मुख्य घटनाक्रम

दिपके के अनुसार, सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका अपनी टीम के साथ जयपुर के एक सरकारी स्कूल की स्थिति उजागर करने पहुँचे थे, जो कथित तौर पर भैंसों के बाड़े में संचालित हो रहा था। दिपके ने आरोप लगाया कि वहाँ पहुँचते ही टीम पर गंभीर हमला किया गया — पत्थरबाजी हुई, वाहनों को नुकसान पहुँचाया गया और महिला वॉलंटियर्स के साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने कहा, 'हम सबने ऐसे वीडियो देखे हैं जिनमें भाजपा के गुंडे सीजेपी वॉलंटियर्स को झुंड में पीट रहे हैं।'

शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

दिपके ने इस घटना को सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि जब कोई यह दिखाने जाता है कि स्कूल में पानी नहीं है, पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं या बच्चे भैंस के बाड़े में पढ़ने को मजबूर हैं, तभी सरकार को आपत्ति होती है। उन्होंने राजस्थान सरकार के उस प्रस्ताव पर भी निशाना साधा जिसमें बाहरी व्यक्तियों को स्कूलों में वीडियो या फोटोग्राफी की अनुमति नहीं दी गई। दिपके ने तर्क दिया कि जो लोग स्कूल जाँच करने गए, वे उन्हीं गाँवों के निवासी हैं जहाँ के बच्चे उन सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं।

एमएमआरडीए भर्ती विवाद

दिपके ने एमएमआरडीए (महाराष्ट्र महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कुछ उम्मीदवार अन्य परीक्षाओं में 50-60 अंक लाते थे, लेकिन एमएमआरडीए परीक्षा में 200 में से 200 अंक ले आए। उन्होंने यह भी कहा कि इनमें से कई टॉपर एक ही परीक्षा केंद्र से हैं, जो संदेह पैदा करता है। दिपके के अनुसार, कुछ टॉपर अधिकारियों के बच्चे बताए जाते हैं। उन्होंने कहा कि एमएमआरडीए के उम्मीदवार शुक्रवार शाम उनसे फिर मिलने वाले हैं।

एनसीईआरटी पाठ्यक्रम विवाद पर प्रतिक्रिया

एनसीईआरटी की किताबों में बदलाव के मुद्दे पर दिपके ने कहा कि जो लोग खुद शिक्षित नहीं हैं और जिन्होंने कभी संविधान नहीं पढ़ा, वे पाठ्यक्रम कैसे तय करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे लोगों ने अपने दफ्तरों में कभी तिरंगा नहीं फहराया।

राजनीतिक चेतावनी

दिपके ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता डरे हुए हैं क्योंकि उनके झूठ देश के सामने उजागर हो चुके हैं। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के बाद देश के लोगों ने डरना छोड़ दिया है और भाजपा की गुंडागर्दी आने वाले चुनाव में जनता के जवाब से समाप्त होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक ही केंद्र से कई टॉपर होने का दावा स्वतंत्र जाँच की माँग करता है। असली सवाल यह है कि जब जनता के बच्चे भैंस के बाड़े में पढ़ रहे हों, तो जवाबदेही की माँग करने वालों पर हमला किसके हित में है?
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में सीजेपी वॉलंटियर्स पर कथित हमला क्यों हुआ?
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनकी टीम जयपुर के एक सरकारी स्कूल की बदहाली उजागर करने गई थी, जो कथित तौर पर भैंसों के बाड़े में चल रहा था। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके के अनुसार, वहाँ पहुँचते ही टीम पर पत्थरबाजी हुई, वाहनों पर हमला किया गया और महिला वॉलंटियर्स के साथ भी मारपीट की गई।
अभिजीत दिपके कौन हैं और सीजेपी क्या है?
अभिजीत दिपके कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक हैं। सीजेपी एक राजनीतिक दल है जो सरकारी स्कूलों की स्थिति और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सक्रिय रहता है। दिपके छत्रपति संभाजीनगर से जुड़े हैं।
राजस्थान सरकार ने स्कूलों में बाहरी लोगों पर क्या प्रतिबंध लगाया है?
राजस्थान सरकार ने एक प्रस्ताव पास किया है जिसके तहत सरकारी स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों को वीडियो और फोटोग्राफी की अनुमति नहीं दी जाएगी। दिपके ने इसे पारदर्शिता-विरोधी बताते हुए कहा कि यह कदम स्कूलों की खराब स्थिति को छिपाने के लिए उठाया गया है।
एमएमआरडीए भर्ती परीक्षा में क्या अनियमितता का आरोप है?
दिपके ने आरोप लगाया कि कुछ उम्मीदवार अन्य परीक्षाओं में 50-60 अंक लाते थे, लेकिन एमएमआरडीए परीक्षा में 200 में से 200 अंक ले आए। उन्होंने यह भी कहा कि कई टॉपर एक ही परीक्षा केंद्र से हैं और उनमें से कुछ अधिकारियों के बच्चे बताए जाते हैं। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
दिपके ने एनसीईआरटी पाठ्यक्रम बदलाव पर क्या कहा?
दिपके ने कहा कि जो लोग खुद शिक्षित नहीं हैं और जिन्होंने संविधान नहीं पढ़ा, वे एनसीईआरटी का सिलेबस तय करने के योग्य नहीं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे लोगों ने अपने दफ्तरों में कभी तिरंगा नहीं फहराया।
राष्ट्र प्रेस
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