सीजेपी कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों ने स्कूल से भगाया, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर बोले — बच्चों को असंस्कारी नहीं बनने देंगे
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के जयपुर जिले के बगरू इलाके में स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गाँव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में 21 अगस्त 2026 को उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के कार्यकर्ता स्कूल का दौरा करने पहुँचे। ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं का कड़ा विरोध किया और उन्हें गाँव में प्रवेश नहीं करने दिया। आरोप है कि इस दौरान ग्रामीणों ने सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला भी किया।
शिक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया
इस घटना पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा, 'भाजपा हमेशा चाहती है कि राजस्थान के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, वे सीखें और उन्हें मूल्यों पर आधारित और अच्छी क्वालिटी की शिक्षा मिले। राजस्थान सरकार इसके लिए पूरे मन से काम कर रही है। लेकिन कांग्रेस और सीजेपी को राजस्थान में हो रही यह तरक्की पसंद नहीं आ रही है।' उन्होंने ग्रामीणों के विरोध को उचित ठहराते हुए कहा कि लोग नहीं चाहते कि उनके बच्चे असंस्कारी भाषा और माहौल के संपर्क में आएँ।
जंतर-मंतर प्रकरण का हवाला
मंत्री दिलावर ने कहा, 'जंतर-मंतर पर सीजेपी ने गड़बड़ी की थी और अश्लील वातावरण बनाया था। यह सब टीवी पर ग्रामीणों ने देखा है, इसीलिए जागरूक जनता ने व्यवधान करने के लिए आए कार्यकर्ताओं को बर्दाश्त नहीं किया।' उन्होंने यह भी कहा कि सीजेपी कार्यकर्ता 'मुँह छिपा-छिपाकर भागे' और अब अपनी 'झेंप मिटाने के लिए' उनका इस्तीफा माँग रहे हैं।
शिक्षा में राजस्थान की प्रगति का दावा
मंत्री दिलावर ने दावा किया कि तीन वर्ष पूर्व जब कांग्रेस सरकार थी, तब राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में 14वें स्थान पर था। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में अब राजस्थान चौथे स्थान पर पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी सर्वाधिक अंक प्राप्त कर रहे हैं।
मंत्री बेढम का आरोप
राजस्थान सरकार के मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने इस पूरे प्रकरण पर आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता स्वयं सीजेपी के मास्क पहनकर इलाके में गड़बड़ी फैलाने की साज़िश रच रहे थे। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस कार्यकर्ता खुद सीजेपी के मास्क पहन रहे हैं और अपने ही लोगों पर पत्थर फिंकवा रहे हैं।' हालाँकि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
आगे क्या
यह घटना राजस्थान में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दलों के बीच शिक्षा नीति को लेकर बढ़ते राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में सामने आई है। कथित हमले की जाँच को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुलिस बयान सामने नहीं आया है। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक रूप से और गरमा सकता है।