राजस्थान सरकारी स्कूलों की बदहाली पर रांका का हमला, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का इस्तीफा माँगा
सारांश
मुख्य बातें
सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने 22 अगस्त 2026 को राजस्थान सरकार पर सरकारी स्कूलों की दुर्दशा को नज़रअंदाज़ करने का गंभीर आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के तत्काल इस्तीफे की माँग की। रांका ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो जयपुर में बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
रांका ने बताया कि राजस्थान के एक सरकारी स्कूल में कथित तौर पर पिछले ढाई से चार वर्षों से बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ने को मजबूर हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने स्वयं पिछले वर्ष उस स्कूल का निरीक्षण किया था और वहाँ की स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। उनके अनुसार टिन शेड की स्थिति भी जर्जर है और कभी भी दुर्घटना का खतरा हो सकता है।
वीडियो साक्ष्य और पुलिस से माँग
रांका ने कहा कि उनके पास हालिया घटनाक्रम से जुड़े कथित तौर पर कई अनएडिटेड वीडियो मौजूद हैं, जिन्हें एक्स और इंस्टाग्राम सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इन वीडियो में कथित तौर पर पत्थरबाजी करने वाले लोगों के चेहरे स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। राजस्थान पुलिस से माँग करते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
रांका ने यह भी कहा कि यदि पुलिस या दूसरे पक्ष के पास कोई अलग साक्ष्य है, तो उसे भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, केवल बयानबाजी से आरोपों की पुष्टि नहीं होती — सबूत सामने रखे जाने चाहिए। उन्होंने राजस्थान पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले पर पूरे देश की नज़र है और जाँच की दिशा से पुलिस की निष्पक्षता भी परखी जाएगी।
आंदोलन का विस्तार
रांका ने स्पष्ट किया कि उनका अभियान किसी राजनीतिक दल के विरुद्ध चुनावी राजनीति के लिए नहीं है, बल्कि उद्देश्य उन स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाना है जहाँ बच्चे कथित तौर पर असुरक्षित परिस्थितियों में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालिया घटना के बाद राजस्थान के अलग-अलग जिलों से स्कूलों की दुर्दशा दिखाते वीडियो सामने आने लगे हैं, जो यह साबित करते हैं कि यह समस्या किसी एक स्थान तक सीमित नहीं है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सरकारी शिक्षा व्यवस्था पहले से ही आलोचनाओं के घेरे में है। गौरतलब है कि स्कूल भवनों की जर्जर हालत और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा राजस्थान में बार-बार उठता रहा है।
सरकार पर आरोप
रांका ने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों की बदहाली से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय कथित तौर पर अलग-अलग नैरेटिव सामने ला रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्वीकार नहीं है कि स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाए जाएँ, जबकि बच्चों का खराब परिस्थितियों में पढ़ना उसे मंजूर है।
आगे की राह
रांका ने साफ किया कि यदि कथित पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और संबंधित स्कूल की मरम्मत शुरू नहीं कराई गई, तो जयपुर में बड़े पैमाने पर आंदोलन होगा। उन्होंने शिक्षा विभाग से जर्जर भवनों की मरम्मत, स्कूलों में बुनियादी सुविधाएँ और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की माँग की। अब आंदोलन में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की माँग भी शामिल कर ली गई है।