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क्या झालावाड़ स्कूल हादसे पर सरकार की सहायता राशि पर प्रमोद जैन ने उठाए सवाल?

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क्या झालावाड़ स्कूल हादसे पर सरकार की सहायता राशि पर प्रमोद जैन ने उठाए सवाल?

सारांश

झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे ने सभी को हिलाकर रख दिया है। कांग्रेस नेता प्रमोद जैन ने सरकार द्वारा मृतक बच्चों के परिजनों को दी जाने वाली सहायता राशि पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने घायलों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। यह मुद्दा प्रशासन की कार्रवाई और स्कूलों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाता है।

मुख्य बातें

हादसा 26 जुलाई को झालावाड़ में हुआ।
सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपए की सहायता राशि निर्धारित की है।
प्रमोद जैन ने सहायता राशि को अपर्याप्त बताया है।
जिला प्रशासन ने तुरंत स्कूल की बिल्डिंग गिरा दी।
अन्य सरकारी स्कूलों की स्थिति भी चिंताजनक है।

झालावाड़, 26 जुलाई (राष्ट्र प्रेस) — राजस्थान के झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। राजस्थान सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों को सहायता राशि देने का ऐलान किया है। लेकिन, कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन ने शनिवार को इस सहायता राशि पर गंभीर सवाल उठाए।

प्रमोद जैन ने झालावाड़ के जिला अस्पताल में गंभीर रूप से घायल बच्चों से मिलने के बाद कहा, "अहमदाबाद प्लेन क्रैश में मृतकों के परिजनों को सरकार एक करोड़ रुपए का मुआवजा देती है, जबकि गरीब आदिवासी बच्चों के लिए केवल 10 लाख रुपए का मुआवजा तय किया गया है, जो कि निराशाजनक है।" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने अभी तक घायलों के लिए किसी प्रकार की सहायता राशि का ऐलान नहीं किया है।

उन्होंने सरकार से यह मांग की कि घायलों को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए और हादसे के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पूर्व मंत्री ने जिला प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि "अदालत ने हादसे के तुरंत बाद स्कूल की बिल्डिंग को गिरा दिया। यदि यह बिल्डिंग मौजूद रहती, तो कई तथ्यों का खुलासा हो सकता था।"

हादसे के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों में अलर्ट हैं। जोधपुर में भी कई सरकारी स्कूलों की स्थिति खतरनाक है। बारिश के दौरान छतें टपकती हैं और कई स्थानों पर ज़मीन भी धंसने लगी है।

सरकारी स्कूल की अध्यापिका मीनाक्षी ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि उनके विद्यालय की स्थिति बहुत खराब है। दीवारों में दरारें हैं और भवन जर्जर हो चुका है। प्रशासन को कई बार पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया। यहाँ पर कभी भी झालावाड़ स्कूल की तरह हादसा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब ऐसे हादसे होते हैं, तो हमें अपने प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठाने की आवश्यकता है। यह जरूरी है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें उचित सहायता प्रदान की जाए। हमारी सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झालावाड़ स्कूल हादसा कब हुआ?
झालावाड़ स्कूल हादसा 26 जुलाई को हुआ।
सरकार ने मृतकों के परिजनों को कितनी सहायता राशि देने की घोषणा की है?
सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
प्रमोद जैन ने किस चीज पर सवाल उठाया?
प्रमोद जैन ने मृतकों के परिजनों के लिए सहायता राशि पर सवाल उठाया है।
स्कूल के बिल्डिंग को गिराने का क्या कारण था?
जिला प्रशासन ने हादसे के बाद स्कूल की बिल्डिंग को गिरा दिया ताकि तथ्यों को छिपाया जा सके।
क्या अन्य सरकारी स्कूलों की स्थिति भी खराब है?
हाँ, जोधपुर में भी कई सरकारी स्कूलों की स्थिति बहुत खराब है।
राष्ट्र प्रेस
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