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क्या 'ऑपरेशन वाइलैप' के तहत आरपीएफ ने 790 जीवित कछुओं को जब्त किया?

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क्या 'ऑपरेशन वाइलैप' के तहत आरपीएफ ने 790 जीवित कछुओं को जब्त किया?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि आरपीएफ ने 'ऑपरेशन वाइलैप' के तहत 790 जीवित कछुओं को बरामद किया? इस खबर में जानें कैसे यह कार्रवाई हुई और इसके पीछे की जानकारी।

मुख्य बातें

ऑपरेशन वाइलैप के तहत बड़ी सफलता मिली।
790 जीवित कछुए जब्त किए गए।
तस्करी की रोकथाम के लिए रेलवे सुरक्षा बल की सक्रियता।
दोहरी कार्रवाई में आरोपी हिरासत में लिए गए।
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।

मालदा, 20 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। ईस्टर्न रेलवे के मालदा डिवीजन में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अवैध वन्यजीव तस्करी पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग अभियानों में कुल 790 जीवित कछुओं और उनकी प्रजातियों को बरामद किया। यह सफलता विशेष अभियान 'ऑपरेशन वाइलैप' के तहत प्राप्त हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य रेलवे के माध्यम से हो रही वन्यजीव तस्करी को रोकना है।

यह कार्रवाई डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) मनीष कुमार गुप्ता के निर्देश और डिविजनल सिक्योरिटी कमिश्नर (डीएससी) आरपीएफ मालदा, असीम कुमार कुल्लू की निगरानी में की गई। आरपीएफ ने बताया कि मालदा डिवीजन में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों पर लगातार सतर्कता बढ़ाई गई है ताकि यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ अवैध गतिविधियों पर भी अंकुश लगाया जा सके।

पहली कार्रवाई में 19 दिसंबर की शाम लगभग 4 बजे बरहरवा स्टेशन पर ट्रेन एस्कॉर्टिंग टीम को सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 15734 बठिंडा–बालुरघाट फरीक्का एक्सप्रेस के कोच एस-1 में कुछ संदिग्ध बैग ले जाए जा रहे हैं। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही आरपीएफ/बरहरवा टीम ने एस्कॉर्ट स्टाफ की सहायता से गहन जांच की।

जांच के दौरान 18 बोरे बरामद किए गए, जिनमें 16 बैग में 40-40 जीवित कछुए (कुल 640), एक बैग में 21 कछुए और एक बोरे में एक बड़ा जीवित कछुआ शामिल था। इस प्रकार इस कार्रवाई में कुल 662 जीवित कछुओं को जब्त किया गया। इस दौरान एक पुरुष और दो महिलाओं को ट्रेन से उतारकर हिरासत में लिया गया और साहिबगंज वन विभाग को मामले की जानकारी दी गई।

दूसरी कार्रवाई में रात तकरीबन 10 बजे मालदा टाउन स्टेशन से ट्रेन संख्या 13410 किउल-मालदा टाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस में एस्कॉर्टिंग ड्यूटी के दौरान आरपीएफ ने एक महिला यात्री को पांच भारी बैकपैक और एक जूट बैग ले जाते देखा। न्यू फरक्का से ट्रेन निकलने के बाद महिला बैगों के बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे सकी, जिसके बाद जानकारी मालदा पोस्ट को भेजी गई। इसके बाद, मालदा टाउन स्टेशन पहुंचने पर महिला स्टाफ के साथ संयुक्त जांच में बैगों से 128 जीवित कछुओं को बरामद किया गया।

बरामद किए गए सभी कछुए और आरोपियों को संबंधित वन विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया है।

आरपीएफ के अनुसार रेलवे के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध वन्यजीव तस्करी की कोशिशें होती रही हैं। ऐसे में इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई, स्टेशनों पर कड़ी निगरानी और चलती ट्रेनों में तलाशी को प्राथमिकता दी जा रही है। ऑपरेशन वाइलैप के तहत की गई यह कार्रवाई मालदा डिवीजन की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सामाजिक जागरूकता को भी बढ़ावा देता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन वाइलैप क्या है?
यह एक विशेष अभियान है जिसका उद्देश्य रेलवे के माध्यम से होने वाली वन्यजीव तस्करी को रोकना है।
आरपीएफ ने कितने कछुओं को बरामद किया?
आरपीएफ ने कुल 790 जीवित कछुओं को बरामद किया।
कछुओं की तस्करी से कौन-कौन से आरोपी पकड़े गए?
इस कार्रवाई में एक पुरुष और दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया।
बरामद किए गए कछुओं का क्या हुआ?
बरामद किए गए सभी कछुओं और आरोपियों को संबंधित वन विभाग को सौंप दिया गया।
आरपीएफ ने यह कार्रवाई कैसे की?
आरपीएफ ने सतर्कता बढ़ाकर और गहन जांच करके यह कार्रवाई की।
राष्ट्र प्रेस
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