22 अगस्त 2026
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सीजेपी का 'स्कूल ठीक करो' अभियान: राजस्थान के 600 बिना इमारत वाले स्कूलों पर जवाबदेही की माँग

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सीजेपी का 'स्कूल ठीक करो' अभियान: राजस्थान के 600 बिना इमारत वाले स्कूलों पर जवाबदेही की माँग

सारांश

राजस्थान में 600 स्कूल बिना इमारत के और 85,000 कक्षाएँ जर्जर — सीजेपी का 'स्कूल ठीक करो' अभियान सरकार से जवाब माँग रहा है। प्रवक्ता आशुतोष रांका ने राजनीतिक मकसद के आरोप खारिज किए और कहा: असली सवाल यह है कि सरकार इन स्कूलों की मरम्मत कब करेगी।

मुख्य बातें

सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने 22 अगस्त को कहा कि 'स्कूल ठीक करो' अभियान किसी राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित नहीं है।
राजस्थान में 600 स्कूल बिना अपनी इमारत के चल रहे हैं और 85,000 कक्षाएँ जर्जर हालत में हैं।
एक कथित स्कूल पिछले ढाई साल से भैंसों के बाड़े में संचालित हो रहा था।
राजस्थान के एक गाँव में सीजेपी सदस्यों पर कथित हमले के वीडियो पुलिस को सौंपे गए।
रांका ने भाजपा विरोधी राजनीति के आरोपों को खारिज किया; कहा — 'हम वोट माँगने नहीं आए।'

सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने 22 अगस्त को स्पष्ट किया कि संगठन का 'स्कूल ठीक करो' अभियान किसी चुनावी या राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति पर सभी सरकारों से जवाबदेही सुनिश्चित कराने का प्रयास है। रांका ने कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक राजस्थान सहित पूरे देश के स्कूलों की मरम्मत नहीं हो जाती।

अभियान का मकसद और दायरा

रांका ने कहा कि सीजेपी पूरे भारत में स्कूलों का दौरा करना जारी रखेगा ताकि उनकी खराब स्थिति को सार्वजनिक किया जा सके। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, 'हम सरकार से जवाबदेही माँग रहे हैं — हम सिर्फ स्कूलों का दौरा करेंगे और जो देखेंगे वह सामने रखेंगे।' उनके अनुसार, असली सवाल यह नहीं है कि सीजेपी अगले 48 घंटों में क्या करेगा, बल्कि यह है कि सरकार इस बुनियादी ढाँचे के संकट को कब दूर करेगी।

राजस्थान के स्कूलों की बदहाल स्थिति

रांका ने राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था के कुछ चौंकाने वाले आँकड़े सामने रखे। उनके अनुसार, राज्य में 600 स्कूल ऐसे हैं जिनके पास अपनी कोई इमारत नहीं है, और 85,000 कक्षाएँ जर्जर हालत में हैं। उन्होंने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से सीधा सवाल किया कि अधिकारी किस स्कूल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। रांका ने एक कथित उदाहरण का ज़िक्र किया जहाँ एक स्कूल पिछले ढाई साल से भैंसों के बाड़े में चल रहा था — उनके अनुसार वहाँ टिन का ढाँचा कभी भी गिर सकता है और पास में ही भैंसें और चारा रखा रहता है।

कथित हमले पर प्रतिक्रिया

राजस्थान के एक गाँव में सीजेपी सदस्यों पर कथित हमले के संदर्भ में रांका ने बताया कि घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं और पुलिस को भी सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि ये वीडियो बिना किसी एडिटिंग के हैं और उनमें हमलावरों के चेहरे स्पष्ट दिखते हैं, जिनके आधार पर पहचान और गिरफ्तारी संभव है। रांका ने यह भी कहा कि यदि सीजेपी सदस्यों के खिलाफ कोई सबूत है, तो उसे भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

राजनीतिक एजेंडे के आरोपों का खंडन

रांका ने उन आरोपों को सिरे से खारिज किया कि संगठन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विरुद्ध कोई राजनीतिक मुहिम चला रहा है। उन्होंने कहा, 'हम यहाँ वोट माँगने नहीं आए हैं। हम भाजपा के खिलाफ राजनीति नहीं कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि वे पिछले वर्ष स्वयं उस स्कूल का दौरा कर चुके हैं और तब भी वहाँ की स्थिति का वीडियो साझा किया था।

आगे की राह

रांका ने दो टूक कहा कि बच्चों का ऐसी परिस्थितियों में पढ़ना स्वीकार्य नहीं है और 'स्कूल ठीक करो' अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक ठोस मरम्मत नहीं होती। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सरकारी शिक्षा बुनियादी ढाँचे की स्थिति को लेकर नागरिक समाज संगठनों की सक्रियता बढ़ी है। गौरतलब है कि राजस्थान में हाल के वर्षों में सरकार बदलने के बावजूद स्कूल इमारतों की समस्या बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 जर्जर कक्षाओं के आँकड़े किसी एक सरकार की नाकामी नहीं, बल्कि दशकों की संरचनात्मक उपेक्षा की कहानी कहते हैं — जो राज्य में सरकारें बदलने के बावजूद नहीं बदली। सीजेपी का अभियान नागरिक समाज की बढ़ती उस भूमिका को रेखांकित करता है जो सरकारी लेखापरीक्षा तंत्र की जगह लेने की कोशिश कर रहा है। लेकिन असली जवाबदेही तब होगी जब शिक्षा विभाग इन आँकड़ों को सार्वजनिक रूप से सत्यापित करे और मरम्मत की समयसीमा बाँधे — अभियान की सुर्खियाँ अकेले यह काम नहीं कर सकतीं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी का 'स्कूल ठीक करो' अभियान क्या है?
यह सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) द्वारा चलाया जा रहा अभियान है जिसका उद्देश्य देशभर के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को उजागर करना और सरकारों से मरम्मत की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा के अधिकार के लिए है।
राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति कितनी खराब है?
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका के अनुसार, राजस्थान में 600 स्कूल ऐसे हैं जिनके पास अपनी कोई इमारत नहीं है और 85,000 कक्षाएँ जर्जर हालत में हैं। एक कथित मामले में एक स्कूल ढाई साल से भैंसों के बाड़े में संचालित हो रहा था।
क्या सीजेपी का अभियान भाजपा के खिलाफ राजनीतिक है?
सीजेपी ने इस आरोप को खारिज किया है। प्रवक्ता रांका ने कहा कि संगठन वोट माँगने या भाजपा के विरुद्ध राजनीति करने नहीं आया, बल्कि उनका मकसद सभी सरकारों से स्कूल सुधार की जवाबदेही लेना है।
राजस्थान में सीजेपी सदस्यों पर कथित हमले का मामला क्या है?
राजस्थान के एक गाँव में सीजेपी सदस्यों पर कथित हमले की घटना हुई, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं और पुलिस को सौंपे गए हैं। रांका के अनुसार वीडियो में हमलावरों के चेहरे दिखते हैं और ये बिना एडिटिंग के हैं।
राजस्थान के शिक्षा मंत्री से सीजेपी ने क्या माँग की?
सीजेपी प्रवक्ता रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से सीधे पूछा कि अधिकारी किस स्कूल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और जर्जर स्कूल इमारतों की मरम्मत कब होगी। उन्होंने माँग की कि सरकार 600 बिना इमारत वाले स्कूलों और 85,000 जर्जर कक्षाओं के पुनर्निर्माण की ठोस समयसीमा दे।
राष्ट्र प्रेस
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