मुर्शिदाबाद में भूस्खलन से रेलवे ट्रैक बाधित, दार्जिलिंग मेल समेत कई ट्रेनें रोकी गईं
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का में 3 सितंबर (गुरुवार) को भारी बारिश के चलते रेलवे लाइन पर भूस्खलन हो गया, जिससे दार्जिलिंग मेल और कंचनकन्या एक्सप्रेस सहित उत्तर बंगाल की ओर जाने वाली अनेक लंबी दूरी की ट्रेनें बीच रास्ते में ही रोक दी गईं। पूर्वी रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, भूस्खलन की सूचना समय पर मिलने से संभावित दुर्घटना टल गई।
भूस्खलन का स्थान और प्रभाव
यह भूस्खलन तिलडांगा और न्यू फरक्का स्टेशनों के बीच सुबह के समय दर्ज किया गया। न्यू जलपाईगुड़ी और सिलीगुड़ी जाने वाली कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी कर दी गईं। दार्जिलिंग मेल फरक्का में ही रुकी रही, जबकि अन्य ट्रेनों को भी निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई।
रेलवे की प्रतिक्रिया और मरम्मत कार्य
पूर्वी रेलवे के इंजीनियर युद्धस्तर पर क्षतिग्रस्त पटरियों की मरम्मत में जुटे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मरम्मत पूरी होने के बाद ही ट्रेनों को इस मार्ग पर चलाने की अनुमति दी जाएगी। रेलवे विभाग के सूत्रों ने बताया कि भूस्खलन और पटरियों को हुए नुकसान की जानकारी कर्मचारियों को समय पर मिल गई, जिससे आने वाली ट्रेनों को समय रहते रोका जा सका।
यात्रियों पर असर
इस भूस्खलन के कारण लंबी दूरी के यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों को आशंका है कि इस व्यवधान के चलते कई अन्य ट्रेनें भी निर्धारित समय से पीछे चलेंगी। रेलवे कर्मचारी यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि फँसे यात्रियों को किसी प्रकार की अतिरिक्त परेशानी न हो।
मौसम की स्थिति और आगे का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने के कारण दक्षिण बंगाल सहित पूरे राज्य में लगातार भारी वर्षा हो रही है। विभाग ने बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दक्षिण बंगाल में शुक्रवार से स्थिति में आंशिक सुधार की संभावना है, हालाँकि छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। सोमवार से दक्षिणी जिलों में गरज के साथ वर्षा फिर से तेज़ हो सकती है।
क्या होगा आगे
पूर्वी रेलवे ने रेल सेवाएँ जल्द से जल्द बहाल करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि मानसून के दौरान पश्चिम बंगाल में भूस्खलन की घटनाएँ रेल यातायात के लिए बड़ी चुनौती बन जाती हैं, विशेषकर उत्तर बंगाल को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए रेलवे अधिकारी स्थिति पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं।