दलित जिला अध्यक्ष पर हमला: उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कांग्रेस को घेरा, बोले— 'यह निंदनीय है'
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बीकानेर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ उन्हीं की पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई मारपीट और अभद्र व्यवहार की कड़ी निंदा की है। बैरवा ने कहा कि एक दलित नेता के साथ इस तरह का व्यवहार कांग्रेस की दलित-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
मुख्य घटनाक्रम
बीकानेर में कांग्रेस के अपने ही कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ लातों-घूंसों से मारपीट की। इस घटना ने राजस्थान की राजनीति में हलचल मचा दी। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस राजस्थान में अपनी पुनर्वापसी की कोशिशों में जुटी है।
बैरवा की तीखी प्रतिक्रिया
उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने गुरुवार, 3 सितंबर को कहा, 'जिस तरह से बीकानेर के जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लातों-घूंसों से हमला किया, यह निंदनीय है। कांग्रेस हमेशा से दलित विरोधी रही है और उन्होंने कल यह परिचय फिर दिया।'
बैरवा ने आगे कहा, 'कल तक तो कांग्रेस का कोई भी पदाधिकारी या बड़ा नेता इस पर बयान देने से बच रहा था लेकिन अब पता लगा है कि कुछ लोगों पर कार्रवाई करके उन्हें निष्कासित किया गया है। पुलिस कार्रवाई भी होगी। इस तरह की अशोभनीय हरकतें और जिला अध्यक्ष पर हमला होना कांग्रेस की अंदरूनी फूट को दिखाता है। एक दलित जिला अध्यक्ष के ऊपर इस तरह का हमला करना निंदनीय है और हम इसकी निंदा करते हैं।'
कांग्रेस की कार्रवाई
गौरतलब है कि बीकानेर की इस घटना के बाद राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दो पूर्व पार्षदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। पार्टी ने दीपक अरोड़ा और मोहित अरोड़ा को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया है। पुलिस कार्रवाई भी प्रक्रियाधीन बताई जा रही है।
राम मंदिर ट्रस्ट पर भी बोले बैरवा
इसी बातचीत में डिप्टी सीएम बैरवा ने राम मंदिर ट्रस्ट में पूर्व एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में नियुक्ति का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'मैं उन्हें बहुत-बहुत बधाई देता हूं। नए सीईओ राम मंदिर में बहुत अच्छा काम करेंगे। वे बहुत अनुभवी व्यक्ति हैं और आने वाले समय में वहां बहुत अच्छा काम होगा।'
आम जनता और राजनीति पर असर
भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस घटना को दलित उत्पीड़न और कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी से जोड़कर राजनीतिक हमला तेज कर रही है। आलोचकों का कहना है कि यह घटना दलित नेतृत्व को लेकर कांग्रेस के भीतर मौजूद असंतोष की गहरी जड़ों को उजागर करती है। आने वाले दिनों में पुलिस जाँच और पार्टी की आंतरिक समीक्षा इस मामले की दिशा तय करेगी।