पांचना बांध विवाद: BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का गहलोत पर पलटवार, पूछा — 5 साल में क्या किया?
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान की राजधानी जयपुर में 22 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पांचना बांध विवाद पर की गई टिप्पणियों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया। राठौड़ ने कहा कि जो नेता अब सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि अपने कार्यकाल में उन्होंने इस वर्षों पुराने विवाद को सुलझाने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए थे।
मुख्य आरोप: कांग्रेस सरकार ने नहीं उठाया कोई प्रभावी कदम
राठौड़ ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के पाँच वर्षों के कार्यकाल में पांचना बांध का विवाद जस का तस बना रहा, और प्रभावित क्षेत्र के निवासियों को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि पर्याप्त अवसर होने के बावजूद गहलोत सरकार कोई स्थायी समाधान निकालने में नाकाम रही।
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने तीखे शब्दों में कहा, 'जनता को यह जानने का अधिकार है कि कई वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने इस महत्वपूर्ण मामले को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाए।' उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सत्ता में रहते हुए यह मुद्दा हल नहीं कर सके, वे अब राजनीतिक आरोपों के ज़रिये जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
भजनलाल सरकार की प्रतिबद्धता का दावा
राठौड़ ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सभी संबंधित पक्षों के साथ नियमित संवाद कर रही है और आम सहमति तथा प्रशासनिक समन्वय के ज़रिये एक स्थायी, संतुलित और सर्वस्वीकार्य समाधान की दिशा में काम कर रही है।
गौरतलब है कि पांचना बांध राजस्थान के करौली ज़िले में स्थित है और इससे जुड़ा विवाद वर्षों से स्थानीय निवासियों, किसानों और प्रशासन के बीच टकराव का विषय रहा है। यह ऐसे समय में उभरा है जब राज्य में आगामी राजनीतिक सक्रियता के बीच दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर शासन-विफलता के आरोप लगा रहे हैं।
राजनीतिक बयानबाज़ी बनाम समाधान-उन्मुख प्रयास
राठौड़ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जनहित से सीधे जुड़े मुद्दों का समाधान राजनीतिक बयानबाज़ी से नहीं, बल्कि रचनात्मक और समाधान-उन्मुख प्रयासों से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे पर पिछली सरकार के कार्यकाल में कोई कार्रवाई नहीं हुई, उस पर अब सवाल उठाना अनुचित है।
आलोचकों का कहना है कि BJP का यह पलटवार मुद्दे के ठोस समाधान की बजाय राजनीतिक बचाव की रणनीति अधिक प्रतीत होता है, क्योंकि वर्तमान सरकार ने भी अभी तक विवाद के निपटारे की कोई ठोस समयसीमा सार्वजनिक नहीं की है।
आगे क्या होगा
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि वर्तमान प्रशासन जवाबदेही, पारदर्शिता और जनहित के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए पांचना बांध विवाद का स्थायी हल निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। अब देखना यह होगा कि सरकार आम सहमति के दावों को ज़मीनी कार्रवाई में कब और कैसे बदलती है।