10 अगस्त 2026
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मदन राठौड़ का गहलोत पर हमला: 'विधायक बिके तो कार्यकाल में कार्रवाई क्यों नहीं की?'

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मदन राठौड़ का गहलोत पर हमला: 'विधायक बिके तो कार्यकाल में कार्रवाई क्यों नहीं की?'

सारांश

राजस्थान BJP अध्यक्ष मदन राठौड़ ने गहलोत के 'विधायक बिकने' वाले बयान पर पलटवार किया — सवाल उठाया कि अगर वाकई बिके थे तो कार्यकाल में चुप क्यों रहे? साथ ही गांधी परिवार को खुश करने और बेटे के करियर को तरजीह देने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

राजस्थान BJP अध्यक्ष मदन राठौड़ ने 24 जून 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला।
राठौड़ ने पूछा — यदि विधायक 'बिके' थे, तो गहलोत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
गहलोत पर आरोप — जन-मुद्दों की अनदेखी कर गांधी परिवार को खुश करने और बेटे के राजनीतिक करियर को प्राथमिकता देने का।
राठौड़ ने कहा — गहलोत का गृह जिला आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है।
BJP का दावा — राजस्थान की जनता कांग्रेस की अवसरवादी राजनीति को नकार चुकी है।

राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बुधवार, 24 जून 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा प्रहार करते हुए पूछा कि यदि विधायक और सांसद सचमुच 'बिक' गए थे, तो गहलोत ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। राठौड़ की यह प्रतिक्रिया गहलोत के उस बयान के जवाब में आई जिसमें उन्होंने कथित तौर पर जन-प्रतिनिधियों के लिए 'घोड़े, गधे, भैंस और बकरियां' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।

विवाद की पृष्ठभूमि

गहलोत ने हाल ही में एक बयान में विधायकों और सांसदों के 'बिकने' का जिक्र किया था और जन-प्रतिनिधियों को लेकर विवादास्पद भाषा का प्रयोग किया था। इस बयान ने राजस्थान की राजनीति में नई बहस छेड़ दी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे कांग्रेस की आंतरिक राजनीति का प्रतिबिंब बताते हुए पलटवार किया।

राठौड़ के मुख्य आरोप

राठौड़ ने आरोप लगाया कि गहलोत ने अपने तीनों मुख्यमंत्री कार्यकालों में राजस्थान के विकास और जन-कल्याण को प्राथमिकता देने के बजाय अपने राजनीतिक नेतृत्व — विशेषकर गांधी परिवार — को खुश करने में अपनी ऊर्जा लगाई। उन्होंने यह भी कहा कि गहलोत ने अपने बेटे के राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाने में भी समय खपाया, जबकि जन-मुद्दे, बुनियादी सुविधाएं और विकास कार्य पीछे छूटते रहे।

राठौड़ के अनुसार, गहलोत का गृह जिला आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है — जो इतने लंबे राजनीतिक कार्यकाल के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

गहलोत पर 'अवसरवादी राजनीति' का आरोप

राठौड़ ने कहा कि गहलोत आज भी ऐसी राजनीति कर रहे हैं जिसका मकसद गांधी परिवार के सामने अपनी अहमियत साबित करना और राजनीतिक फायदा उठाना है। उनके अनुसार, राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश में गहलोत अक्सर गैर-जिम्मेदाराना बयान देते रहते हैं।

आम जनता पर असर और BJP का दावा

राजस्थान भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि राज्य की जनता विकास, सुशासन और जवाबदेही पर आधारित राजनीति का समर्थन करती है और कांग्रेस नेताओं की अवसरवादी राजनीति को भली-भांति समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि जनता भविष्य में भी BJP के विकास-उन्मुख शासन मॉडल के साथ खड़ी रहेगी।

क्या होगा आगे

राजस्थान में अगले विधानसभा चुनाव से पहले यह बयानबाजी दोनों दलों के बीच राजनीतिक तापमान बढ़ा रही है। गहलोत की ओर से अभी तक राठौड़ के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद कांग्रेस के भीतर नेतृत्व की खींचतान और BJP की काउंटर-नैरेटिव रणनीति दोनों को एक साथ उजागर करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मदन राठौड़ ने अशोक गहलोत पर क्या आरोप लगाए?
राजस्थान BJP अध्यक्ष मदन राठौड़ ने 24 जून 2026 को गहलोत पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में जन-मुद्दों और विकास की अनदेखी की और गांधी परिवार को खुश करने तथा बेटे के राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाने में ऊर्जा खर्च की।
गहलोत के किस बयान पर राठौड़ ने पलटवार किया?
गहलोत ने कथित तौर पर विधायकों और सांसदों के 'बिकने' का जिक्र किया था और जन-प्रतिनिधियों के लिए 'घोड़े, गधे, भैंस और बकरियां' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। राठौड़ ने सवाल उठाया कि अगर प्रतिनिधि सचमुच बिके थे, तो गहलोत ने कार्यकाल में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
राठौड़ ने गहलोत के गृह जिले का जिक्र क्यों किया?
राठौड़ ने यह रेखांकित करने के लिए गहलोत के गृह जिले का हवाला दिया कि इतने लंबे राजनीतिक कार्यकाल के बावजूद वहां बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। उनका तर्क था कि यह गहलोत की जन-कल्याण के प्रति प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है।
इस विवाद का राजस्थान की राजनीति पर क्या असर होगा?
यह बयानबाजी राजस्थान में BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तापमान बढ़ा रही है। विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद कांग्रेस के भीतर नेतृत्व की खींचतान और BJP की काउंटर-नैरेटिव रणनीति दोनों को उजागर करता है।
गहलोत ने राठौड़ के आरोपों पर क्या कहा?
राठौड़ के आरोपों पर अशोक गहलोत की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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