गहलोत का BJP पर बड़ा हमला: राजस्थान नगर निगम चुनावों में पुलिस-प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 21 सितंबर 2026 को हाल ही में संपन्न शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के संचालन को लेकर गंभीर चिंताएँ जताईं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने नगर निगम बोर्डों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए प्रशासनिक और पुलिस तंत्र का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। गहलोत के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब कांग्रेस आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों में जुटी है।
मुख्य आरोप
गहलोत ने अपने बयान में कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी ने बोर्डों के गठन की प्रक्रिया में लोकतांत्रिक व्यवस्था की सीमाओं का उल्लंघन किया। उनके अनुसार, निर्दलीय पार्षदों को प्रलोभन दिए गए, जबकि कांग्रेस पार्षदों को नोटिस, पुलिस समन और विभिन्न प्रकार के दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों के पुलिसकर्मी राजस्थान में मौजूद थे।
न्यायपालिका पर असर
पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि चुनावों से जुड़ी याचिकाओं पर राजस्थान उच्च न्यायालय को देर रात तक सुनवाई करनी पड़ी, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। गौरतलब है कि इस तरह की आपात सुनवाई सामान्य प्रशासनिक परिस्थितियों में बेहद कम देखी जाती है।
नौकरशाही और पुलिस पर सवाल
गहलोत ने आरोप लगाया कि नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों ने सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम किया। उन्होंने कहा कि धन और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से संस्थानों में जनता का विश्वास कम होने का खतरा है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतांत्रिक मानदंडों को कमज़ोर करने वाले कार्यों के लिए अंततः जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री को चेतावनी
गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आग्रह किया कि भविष्य के चुनाव इस प्रकार कराए जाएँ जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जनता का विश्वास मज़बूत हो। उन्होंने यह भी आगाह किया कि इस तरह की प्रथाएँ आगामी पंचायत चुनावों से पहले एक खतरनाक मिसाल कायम कर सकती हैं।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब नगर निगम चुनाव के परिणाम राज्य में पहले से ही राजनीतिक बहस छेड़ चुके हैं। गहलोत के बयान से संकेत मिलता है कि कांग्रेस अगले चरण के चुनावों से पहले सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाना चाहती है। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।