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गहलोत का BJP पर हमला: '80 साल के लोकतंत्र में पहली बार सत्ताधारी दल बन रहा विपक्ष'

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गहलोत का BJP पर हमला: '80 साल के लोकतंत्र में पहली बार सत्ताधारी दल बन रहा विपक्ष'

सारांश

अशोक गहलोत ने BJP पर करारा प्रहार किया — आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल SIR में कथित धांधली से ध्यान हटाने के लिए केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को रैलियों में उतार रहा है। '80 साल के लोकतंत्र में पहली बार सत्ताधारी विपक्ष' का यह तंज चुनावी वैधता की लड़ाई को एक नई धार दे रहा है।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 4 नवंबर 2026 को BJP पर SIR में कथित अनियमितताओं से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
गहलोत ने कहा कि भारत के 80 वर्षीय लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार एक सत्ताधारी दल 'विपक्ष की तरह' रैलियाँ और धरने दे रहा है।
उन्होंने BJP की रैलियों को 'निरर्थक' बताते हुए पूछा कि केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के पास क्या शासन का काम नहीं बचा।
गहलोत ने महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार को जनता की प्रमुख समस्याएँ बताया और NDA सरकार पर इन्हें हल करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
इंडिया ब्लॉक के अभियान को 'अनुशासित और शांतिपूर्ण' बताते हुए उन्होंने राहुल गांधी की लोकतांत्रिक दृष्टिकोण के लिए सराहना की।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 4 नवंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए देश भर में रैलियाँ और प्रदर्शन आयोजित कर रही है। गहलोत ने दावा किया कि भारत के 80 वर्षों के लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार एक सत्ताधारी दल 'विपक्ष की भूमिका' निभाते हुए धरने और मार्च निकाल रहा है।

गहलोत का मुख्य आरोप

कांग्रेस नेता गहलोत ने एक बयान में कहा कि BJP ने अपने केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और राज्य मंत्रियों को 'निरर्थक रैलियों' में झोंक दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केंद्र और राज्य सरकारों के पास शासन का कोई काम शेष नहीं बचा है।

गहलोत ने कहा, 'पूरा देश हैरान है — चाहे BJP की केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें, सभी नेताओं को इन निरर्थक रैलियों में धकेल दिया गया है।' यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव तीव्र हो गया है।

SIR और चुनाव आयोग पर सवाल

गहलोत ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में धांधली और चुनाव आयोग की कथित मिलीभगत के आरोप सामने आने के बाद BJP 'घबरा गई' है। उनके अनुसार, सत्ताधारी दल इन आरोपों से जनता का ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक हथकंडे अपना रहा है।

गौरतलब है कि SIR की प्रक्रिया पर विपक्षी दलों की ओर से पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं, और यह मुद्दा अब एक बड़े राजनीतिक संघर्ष का केंद्र बन गया है।

जनता की समस्याएँ और विपक्ष का रुख

गहलोत ने कहा कि महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार के कारण आम जनता गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रही है। उनके अनुसार, NDA सरकार इन चिंताओं को दूर करने में विफल रही है, जिसके चलते लोग देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

इंडिया ब्लॉक के मार्च और बड़ी रैलियों का उल्लेख करते हुए गहलोत ने कहा कि विपक्ष का अभियान निर्धारित विरोध स्थलों पर अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किया जा रहा है।

राहुल गांधी की सराहना

गहलोत ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सरकार परिवर्तन के लिए लगातार प्रेम, स्नेह और लोकतांत्रिक तरीकों की वकालत की है। उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि पार्टी इसके बावजूद देश में माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।

राजनीतिक टकराव का नया आयाम

BJP की जवाबी लामबंदी ने चल रहे राजनीतिक संघर्ष में एक नया आयाम जोड़ा है। दोनों पक्ष — सत्ता पक्ष और विपक्ष — जनता के बीच अपनी-अपनी राय बनाने की कोशिश में जुटे हैं। यह विवाद आगामी चुनावी चक्र से पहले और गहरा होने के संकेत दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर मतदाता विश्वसनीयता के मुद्दे को केंद्र में ले आती है। विरोधाभास यह है कि जब BJP सत्ता में रहते हुए जवाबी प्रदर्शन करती है, तो वह अनजाने में विपक्ष की इस कथा को बल देती है कि चुनावी प्रक्रिया पर वास्तव में कुछ सवाल हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है कि SIR का विवाद महज आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि आगामी चुनावी चक्र से पहले मतदाता सूची की वैधता पर एक गहरे संस्थागत सवाल की ओर इशारा है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशोक गहलोत का 'सत्ताधारी विपक्ष' वाला बयान क्या है?
गहलोत ने कहा कि भारत के 80 साल के लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार एक सत्ताधारी दल — BJP — खुद सत्ता में रहते हुए विपक्ष की तरह धरने, प्रदर्शन और रैलियाँ कर रहा है। उनका आरोप है कि यह SIR में कथित अनियमितताओं से जनता का ध्यान हटाने की रणनीति है।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) विवाद क्या है?
SIR यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण एक प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूचियों को अपडेट करता है। गहलोत समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और 'वोट चोरी' के आरोप लगाए हैं, जिसे BJP और चुनाव आयोग ने खारिज किया है।
गहलोत ने राहुल गांधी की सराहना क्यों की?
गहलोत ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार बदलाव के लिए लगातार प्रेम, स्नेह और लोकतांत्रिक तरीकों की वकालत की है। उन्होंने इंडिया ब्लॉक के अभियान को अनुशासित और शांतिपूर्ण बताते हुए इसे BJP की रैलियों से अलग बताया।
BJP की जवाबी रैलियों का क्या मकसद बताया जा रहा है?
BJP ने चुनावी अनियमितताओं के विपक्षी आरोपों के जवाब में देश भर में केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और राज्य मंत्रियों के नेतृत्व में रैलियाँ आयोजित की हैं। गहलोत के अनुसार यह SIR पर उठे सवालों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास है।
इस विवाद का आम जनता पर क्या असर हो सकता है?
चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर बढ़ते सवाल मतदाता विश्वास को प्रभावित कर सकते हैं। महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जनता की नाराज़गी के बीच यह राजनीतिक टकराव आगामी चुनावी चक्र की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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