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सीबीआई की बड़ी सफलता: यौन उत्पीड़न के आरोपी भगोड़े सजीर पल्ली मूप्पम को यूएई से भारत लाया गया

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सीबीआई की बड़ी सफलता: यौन उत्पीड़न के आरोपी भगोड़े सजीर पल्ली मूप्पम को यूएई से भारत लाया गया

सारांश

सीबीआई ने एमईए, एमएचए और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर यौन उत्पीड़न के आरोपी भगोड़े सजीर पल्ली मूप्पम को यूएई से भारत वापस लाया। इंटरपोल के रेड नोटिस और 'भारत पोल' तंत्र का उपयोग कर 2019 से अब तक 278 से अधिक अपराधी स्वदेश लाए जा चुके हैं।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 4 नवंबर 2026 को भगोड़े आरोपी सजीर पल्ली मूप्पम को यूएई से नई दिल्ली वापस लाया।
आरोपी दिल्ली पुलिस के यौन उत्पीड़न मामले में वांछित था; पीड़िता 20 वर्षीया युवती थी।
आरोपी ने पीड़िता को जबरन नशीला पदार्थ दिया और किसी अन्य के दस्तावेजों से होटल में चेक-इन कर उत्पीड़न किया।
मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट से यौन उत्पीड़न की पुष्टि; अदालत में चार्जशीट पहले से दाखिल।
एमईए, एमएचए, दिल्ली पुलिस और एनसीबी-नई दिल्ली के संयुक्त प्रयास और इंटरपोल 'रेड नोटिस' से प्रत्यर्पण संभव हुआ।
2019 से अब तक 'भारत पोल' तंत्र के ज़रिये 278 से अधिक भगोड़े अपराधी भारत लाए जा चुके हैं।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 4 नवंबर 2026 को एक अहम कामयाबी हासिल करते हुए दिल्ली पुलिस के वांछित भगोड़े आरोपी सजीर पल्ली मूप्पम को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से नई दिल्ली वापस लाया। यह आरोपी यौन उत्पीड़न के एक संगीन मामले में वांछित था और इंटरपोल के 'रेड नोटिस' पर था। विदेश मंत्रालय (एमईए), गृह मंत्रालय (एमएचए), दिल्ली पुलिस और एनसीबी-नई दिल्ली के संयुक्त प्रयासों से यह प्रत्यर्पण संभव हो सका।

मामले की पृष्ठभूमि

सीबीआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, सजीर पल्ली मूप्पम दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न के एक मामले में आरोपी था। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर एक 20 वर्षीया युवती को जबरन नशीला पदार्थ दिया, जिससे वह बेसुध हो गई।

पीड़िता की इस असहाय स्थिति का फायदा उठाते हुए आरोपी उसे एक होटल ले गया। पकड़े जाने से बचने के लिए उसने किसी और के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर होटल में चेक-इन किया। इसके बाद उसने पीड़िता के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन उत्पीड़न किया, जिसकी पुष्टि बाद में मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट से की गई। संबंधित अदालत के समक्ष विस्तृत चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है।

प्रत्यर्पण की प्रक्रिया

दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से आरोपी के विरुद्ध 'रेड नोटिस' जारी करवाया। इसके बाद एनसीबी-नई दिल्ली के अनुरोध पर यूएई के अधिकारियों ने आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया।

सभी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद यूएई के अधिकारियों ने आरोपी को दिल्ली पुलिस की टीम को सौंपा। यह टीम आरोपी को लेकर बुधवार को नई दिल्ली पहुँची।

सीबीआई और 'भारत पोल' की भूमिका

गौरतलब है कि भारत में इंटरपोल के 'नेशनल सेंट्रल ब्यूरो' के रूप में सीबीआई, 'भारत पोल' के ज़रिये देश की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। यह तंत्र विदेशों में छिपे भगोड़े अपराधियों को वापस लाने में निर्णायक भूमिका निभाता है।

2019 से अब तक इस प्रणाली के माध्यम से विदेशी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से 278 से अधिक वांछित अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया जा चुका है।

आम जनता पर असर

यह प्रत्यर्पण उस समय आया है जब यौन उत्पीड़न से संबंधित मामलों में न्याय सुनिश्चित करने की माँग देशभर में बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय कार्रवाइयाँ भगोड़े आरोपियों को यह संदेश देती हैं कि देश की सीमाएँ उन्हें कानून से बचा नहीं सकतीं।

क्या होगा आगे

आरोपी सजीर पल्ली मूप्पम को अब संबंधित अदालत के सामने पेश किया जाएगा, जहाँ उसके विरुद्ध पहले से दाखिल चार्जशीट के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ेगी। दिल्ली पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जब तक ये आरोपी विदेश में रहते हैं, तब तक पीड़िताओं को न्याय कितने वर्षों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। 2019 से 278 की संख्या प्रभावशाली लगती है, पर भारत की भगोड़ों की सूची इससे कहीं अधिक लंबी है — यह दर्शाता है कि द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधियों और 'रेड नोटिस' पर निर्भरता की अपनी सीमाएँ हैं। इस मामले में पहचान-दस्तावेजों की जालसाजी और नशीले पदार्थों के उपयोग जैसी परतें दिखाती हैं कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को तकनीकी और कानूनी दोनों मोर्चों पर और चुस्त होने की ज़रूरत है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सजीर पल्ली मूप्पम कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
सजीर पल्ली मूप्पम दिल्ली पुलिस के यौन उत्पीड़न मामले में वांछित भगोड़ा आरोपी है। उस पर आरोप है कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर 20 वर्षीया युवती को जबरन नशीला पदार्थ देकर बेसुध किया और फिर उसका यौन उत्पीड़न किया, जिसकी पुष्टि मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट से हुई।
सीबीआई ने आरोपी को यूएई से कैसे वापस लाया?
दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से आरोपी के विरुद्ध 'रेड नोटिस' जारी करवाया। एनसीबी-नई दिल्ली के अनुरोध पर यूएई अधिकारियों ने आरोपी को गिरफ्तार किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम को सौंप दिया।
'भारत पोल' क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
'भारत पोल' वह तंत्र है जिसके ज़रिये सीबीआई — इंटरपोल के 'नेशनल सेंट्रल ब्यूरो' के रूप में — देश की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों का विदेशी एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। इस प्रणाली के माध्यम से 2019 से अब तक 278 से अधिक भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया जा चुका है।
इस मामले में अब आगे क्या होगा?
आरोपी सजीर पल्ली मूप्पम को अब संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा, जहाँ पहले से दाखिल चार्जशीट के आधार पर मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी। दिल्ली पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रखेगी।
इस प्रत्यर्पण में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
इस प्रत्यर्पण में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), विदेश मंत्रालय (एमईए), गृह मंत्रालय (एमएचए), दिल्ली पुलिस, एनसीबी-नई दिल्ली और यूएई के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भूमिका निभाई। इंटरपोल के 'रेड नोटिस' तंत्र ने इस कार्रवाई की नींव तैयार की।
राष्ट्र प्रेस
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