भारत की विदेश नीति अटल: पूर्व राजनयिक वीणा सीकरी बोलीं — अमेरिका से दोस्ती, पर हितों पर कोई समझौता नहीं
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व राजनयिक वीणा सीकरी ने 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि अमेरिकी मिडटर्म चुनाव परिणामों के बाद भी भारत अपनी संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति से नहीं हटेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत व्यापार में भेदभावपूर्ण टैरिफ का विरोध करता है और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा ऊर्जा हितों पर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
अमेरिकी बदलावों पर भारत की नज़र
सीकरी ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बातचीत लंबे समय से जारी है। उनके अनुसार, भारत का रुख शुरू से यही रहा है कि द्विपक्षीय व्यापार में किसी भी प्रकार के भेदभावपूर्ण शुल्क स्वीकार्य नहीं हैं। वाशिंगटन में राजनीतिक और आर्थिक बदलावों पर नई दिल्ली की नज़र बनी रहेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी मिडटर्म चुनाव परिणामों के बाद वैश्विक नीति की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और कई देश अपनी कूटनीतिक स्थिति का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं।
रूस-यूक्रेन और ईरान: भारत का स्थायी रुख
अंतरराष्ट्रीय संघर्षों पर बोलते हुए सीकरी ने कहा कि भारत शुरू से ही रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान से जुड़े संघर्ष को समाप्त करने के पक्ष में रहा है। उनके अनुसार, भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के माध्यम से समाधान की वकालत करता आया है और आगे भी इसी दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
गौरतलब है कि यह भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति के अनुरूप है, जो पिछले कई दशकों से किसी एकल शक्ति-ब्लॉक के साथ पूरी तरह संरेखित होने से परहेज करती आई है।
क्वाड बैठक और मोदी-ट्रंप मुलाकात की संभावना
सीकरी ने बताया कि नवंबर में मनीला में क्वाड देशों की बैठक होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात की संभावना है। उनके अनुसार, ऐसी किसी बैठक के बाद व्यापार, सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी जैसे कई मुद्दों पर और अधिक स्पष्टता सामने आ सकती है।
राष्ट्रीय हित: सुरक्षा और ऊर्जा पर कोई समझौता नहीं
पूर्व राजनयिक ने ज़ोर देकर कहा कि भारत की नीति हमेशा से व्यावहारिक और स्पष्ट रही है। भारत अमेरिका के साथ मज़बूत संबंध चाहता है, लेकिन विशेष रूप से सुरक्षा आवश्यकताएँ और ऊर्जा सुरक्षा ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ कोई समझौता संभव नहीं।
सीकरी के अनुसार, भारत का समग्र रुख यह है कि वैश्विक शांति, संवाद और स्थिरता को बढ़ावा दिया जाए, साथ ही देश के आर्थिक, सुरक्षा और ऊर्जा हितों की पूर्ण रक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
आगे की राह: ट्रंप की रणनीति पर टिकी नज़रें
सीकरी ने कहा कि आने वाले महीनों में सबकी नज़र इस बात पर रहेगी कि ट्रंप युद्ध, विदेश नीति और घरेलू मुद्दों पर किस प्रकार की रणनीति अपनाते हैं — क्या वे समझौते और शांति की दिशा में आगे बढ़ेंगे, अथवा अपनी मौजूदा नीतियों को जारी रखेंगे। भारत-अमेरिका संबंधों की अगली कड़ी संभावित मनीला क्वाड बैठक में साफ होने की उम्मीद है।