4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत की विदेश नीति अटल: पूर्व राजनयिक वीणा सीकरी बोलीं — अमेरिका से दोस्ती, पर हितों पर कोई समझौता नहीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत की विदेश नीति अटल: पूर्व राजनयिक वीणा सीकरी बोलीं — अमेरिका से दोस्ती, पर हितों पर कोई समझौता नहीं

सारांश

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव परिणामों के बाद पूर्व राजनयिक वीणा सीकरी का स्पष्ट संदेश — भारत अमेरिका से दोस्ती चाहता है, पर भेदभावपूर्ण टैरिफ और सुरक्षा-ऊर्जा हितों पर कोई समझौता नहीं। नवंबर में मनीला क्वाड बैठक में मोदी-ट्रंप मुलाकात से कई अहम मुद्दों पर स्पष्टता आने की उम्मीद।

मुख्य बातें

पूर्व राजनयिक वीणा सीकरी ने 4 नवंबर 2026 को कहा कि भारत अमेरिकी मिडटर्म परिणामों के बाद वाशिंगटन के बदलावों पर करीबी नज़र बनाए रखेगा।
भारत व्यापार में भेदभावपूर्ण टैरिफ का विरोध करता है; भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है।
भारत रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान संघर्ष को समाप्त करने का समर्थक; कूटनीति और बातचीत का पक्षधर।
नवंबर में मनीला में क्वाड बैठक; PM मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात की संभावना।
सुरक्षा आवश्यकताएँ और ऊर्जा सुरक्षा ऐसे क्षेत्र जिन पर भारत किसी भी स्थिति में समझौता नहीं करेगा।

पूर्व राजनयिक वीणा सीकरी ने 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि अमेरिकी मिडटर्म चुनाव परिणामों के बाद भी भारत अपनी संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति से नहीं हटेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत व्यापार में भेदभावपूर्ण टैरिफ का विरोध करता है और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा ऊर्जा हितों पर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

अमेरिकी बदलावों पर भारत की नज़र

सीकरी ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बातचीत लंबे समय से जारी है। उनके अनुसार, भारत का रुख शुरू से यही रहा है कि द्विपक्षीय व्यापार में किसी भी प्रकार के भेदभावपूर्ण शुल्क स्वीकार्य नहीं हैं। वाशिंगटन में राजनीतिक और आर्थिक बदलावों पर नई दिल्ली की नज़र बनी रहेगी।

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी मिडटर्म चुनाव परिणामों के बाद वैश्विक नीति की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और कई देश अपनी कूटनीतिक स्थिति का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं।

रूस-यूक्रेन और ईरान: भारत का स्थायी रुख

अंतरराष्ट्रीय संघर्षों पर बोलते हुए सीकरी ने कहा कि भारत शुरू से ही रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान से जुड़े संघर्ष को समाप्त करने के पक्ष में रहा है। उनके अनुसार, भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के माध्यम से समाधान की वकालत करता आया है और आगे भी इसी दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।

गौरतलब है कि यह भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति के अनुरूप है, जो पिछले कई दशकों से किसी एकल शक्ति-ब्लॉक के साथ पूरी तरह संरेखित होने से परहेज करती आई है।

क्वाड बैठक और मोदी-ट्रंप मुलाकात की संभावना

सीकरी ने बताया कि नवंबर में मनीला में क्वाड देशों की बैठक होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात की संभावना है। उनके अनुसार, ऐसी किसी बैठक के बाद व्यापार, सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी जैसे कई मुद्दों पर और अधिक स्पष्टता सामने आ सकती है।

राष्ट्रीय हित: सुरक्षा और ऊर्जा पर कोई समझौता नहीं

पूर्व राजनयिक ने ज़ोर देकर कहा कि भारत की नीति हमेशा से व्यावहारिक और स्पष्ट रही है। भारत अमेरिका के साथ मज़बूत संबंध चाहता है, लेकिन विशेष रूप से सुरक्षा आवश्यकताएँ और ऊर्जा सुरक्षा ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ कोई समझौता संभव नहीं।

सीकरी के अनुसार, भारत का समग्र रुख यह है कि वैश्विक शांति, संवाद और स्थिरता को बढ़ावा दिया जाए, साथ ही देश के आर्थिक, सुरक्षा और ऊर्जा हितों की पूर्ण रक्षा भी सुनिश्चित की जाए।

आगे की राह: ट्रंप की रणनीति पर टिकी नज़रें

सीकरी ने कहा कि आने वाले महीनों में सबकी नज़र इस बात पर रहेगी कि ट्रंप युद्ध, विदेश नीति और घरेलू मुद्दों पर किस प्रकार की रणनीति अपनाते हैं — क्या वे समझौते और शांति की दिशा में आगे बढ़ेंगे, अथवा अपनी मौजूदा नीतियों को जारी रखेंगे। भारत-अमेरिका संबंधों की अगली कड़ी संभावित मनीला क्वाड बैठक में साफ होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हर बड़े अमेरिकी चुनाव के बाद दोहराई जाती है। असली सवाल यह है कि जब ट्रंप प्रशासन टैरिफ को कूटनीतिक दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है, तब भारत की 'संतुलित नीति' व्यवहार में कितनी टिकाऊ साबित होती है। क्वाड की मनीला बैठक एक अवसर है, लेकिन बिना किसी ठोस व्यापार ढाँचे के यह बैठक भी महज़ फोटो-ऑप बनकर रह सकती है। भारत को 'हितों की रक्षा' को केवल बयानबाज़ी से आगे ले जाकर सत्यापन-योग्य नीतिगत परिणामों में बदलना होगा।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीणा सीकरी ने अमेरिकी मिडटर्म चुनाव परिणामों पर भारत की प्रतिक्रिया के बारे में क्या कहा?
पूर्व राजनयिक वीणा सीकरी ने कहा कि भारत अमेरिका में हो रहे राजनीतिक और आर्थिक बदलावों पर करीबी नज़र बनाए रखेगा और राष्ट्रीय हितों से समझौता किए बिना संतुलित विदेश नीति पर कायम रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत भेदभावपूर्ण व्यापार टैरिफ का विरोध करता है।
भारत-अमेरिका व्यापार टैरिफ विवाद पर भारत का क्या रुख है?
भारत का स्थायी रुख यह है कि द्विपक्षीय व्यापार में किसी भी प्रकार के भेदभावपूर्ण शुल्क स्वीकार्य नहीं हैं। वीणा सीकरी के अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बातचीत लंबे समय से जारी है और भारत इस दिशा में अपना पक्ष दृढ़ता से रखता रहेगा।
क्वाड की मनीला बैठक में मोदी-ट्रंप मुलाकात क्यों अहम है?
नवंबर 2026 में मनीला में प्रस्तावित क्वाड बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित मुलाकात से व्यापार, सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी जैसे अनेक मुद्दों पर अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है। वीणा सीकरी के अनुसार यह बैठक दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भारत की सुरक्षा और ऊर्जा नीति पर अमेरिकी दबाव का क्या असर पड़ सकता है?
वीणा सीकरी ने स्पष्ट किया कि भारत की सुरक्षा आवश्यकताएँ और ऊर्जा सुरक्षा ऐसे क्षेत्र हैं जिन पर किसी भी बाहरी दबाव में समझौता नहीं किया जाएगा। भारत इन हितों को प्राथमिकता देते हुए स्वतंत्र विदेश नीति अपनाता रहेगा, चाहे अमेरिका में राजनीतिक परिवर्तन कुछ भी हो।
रूस-यूक्रेन और ईरान संघर्ष पर भारत का रुख क्या है?
भारत शुरू से ही रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान से जुड़े संघर्ष को समाप्त करने के पक्ष में रहा है। वीणा सीकरी के अनुसार, भारत बातचीत और कूटनीति के ज़रिए समाधान की वकालत करता आया है और आगे भी इसी दिशा में प्रयास जारी रखेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले