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क्या अमेरिकी टैरिफ भारत की ग्रोथ स्टोरी को प्रभावित करेंगे? पूर्व यूएस अधिकारी का बयान

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क्या अमेरिकी टैरिफ भारत की ग्रोथ स्टोरी को प्रभावित करेंगे? पूर्व यूएस अधिकारी का बयान

सारांश

क्या अमेरिका के नए टैरिफ से भारत की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी? पूर्व अमेरिकी अधिकारी रेमंड विकरी ने इसका जवाब दिया है। जानें उनके अनुसार भारत की दीर्घकालिक संभावनाएं कैसी हैं और टैरिफ की चुनौती को कैसे अवसर में बदला जा सकता है।

मुख्य बातें

भारत की अर्थव्यवस्था का विकास जारी रहेगा।
अमेरिकी टैरिफ एक छोटी अवधि की चुनौती है।
भारत की दीर्घकालिक संभावनाएं उज्ज्वल हैं।
टैरिफ के प्रभाव को अवसर में बदलना आवश्यक है।
वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में भारत की स्थिति मजबूत होगी।

नई दिल्ली, 1 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) के वरिष्ठ सहयोगी और पूर्व अमेरिकी सहायक वाणिज्य सचिव रेमंड विकरी ने शुक्रवार को कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था विकास पथ पर मजबूती से आगे बढ़ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में की गई 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा को एक बाधा के बजाय छोटी अवधि की एक चुनौती के रूप में देखा जाना चाहिए।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बातचीत करते हुए विकरी ने कहा कि यह निर्णय दशकों से वैश्विक व्यापार को सहारा देने वाले बहुपक्षीय व्यापार ढांचे से दूर जाने का संकेत देता है, लेकिन भारत की दीर्घकालिक संभावनाएं उज्ज्वल बनी हुई हैं।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस को बताया, "भारत की आर्थिक मजबूती, इसका विशाल बाजार और प्रतिस्पर्धा के प्रति इसका खुलापन इसे आगे बढ़ाता रहेगा।"

उन्होंने आगे कहा कि भारत का ध्यान अपनी व्यापारिक साझेदारियों का विस्तार करने और नए अवसरों के द्वार खोलने के लिए टैरिफ कम करने पर होना चाहिए।

विकरी ने कहा कि एक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में भारत का उदय विश्व अर्थव्यवस्था में एकीकृत होने की उसकी क्षमता से जुड़ा है।

उन्होंने कहा, "भारत नई आर्थिक व्यवस्था में नेतृत्व करने के लिए अच्छी स्थिति में है। टैरिफ कुछ क्षेत्रों की गति को अस्थायी रूप से धीमा कर सकते हैं, लेकिन वे भारत की तेजी को नहीं रोक सकते।"

विकरी ने नेताओं से आग्रह किया कि वे वर्तमान समय को व्यापार संबंधों को फिर से बनाने के अवसर के रूप में देखें।

गुरुवार देर रात ट्रंप ने भारत पर शुक्रवार से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का कार्यकारी आदेश जारी किया।

हालांकि, इसमें रूसी ऊर्जा खरीदने या ब्रिक्स समूह का हिस्सा होने पर भारत पर अतिरिक्त टैरिफ शामिल नहीं थे, जिसे लेकर ट्रंप ने पहले भी चेतावनी दी थी।

इससे पहले ट्रंप ने जब पहली बार टैरिफ की धमकी दी थी, तो भारत ने स्पष्टता से कहा था कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा, "देश विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौतों पर बातचीत करते समय राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।"

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि हम वैश्विक मंच पर खुद को और अधिक मजबूती से स्थापित कर सकें।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी टैरिफ का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
पूर्व अमेरिकी अधिकारी रेमंड विकरी के अनुसार, यह एक अस्थायी चुनौती होगी और भारत की लंबी अवधि की संभावनाएं उज्ज्वल हैं।
भारत को टैरिफ के इस परिवर्तन का कैसे सामना करना चाहिए?
भारत को अपनी व्यापारिक साझेदारियों का विस्तार करना चाहिए और नए अवसरों के लिए टैरिफ को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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