मधुबनी हत्याकांड: फरार ASI चंद्रमोहन सिंह पर ₹25 हजार का इनाम, चौकीदार समेत 6 पुलिसकर्मी निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गाँव में एक सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) द्वारा की गई अंधाधुंध फायरिंग में एक ग्रामीण की जान चली गई और तीन अन्य घायल हो गए। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी एएसआई चंद्रमोहन सिंह समेत चौकीदार और पाँच सैप जवानों सहित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 12 विशेष टीमें गठित की गई हैं और उसके ठिकाने की सूचना देने वाले को ₹25 हजार का इनाम देने की घोषणा की गई है।
घटनाक्रम: क्या हुआ उस रात
यह घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात लगभग 1 बजे की है, जब बलिराजगढ़ गाँव में एक महिला के घर के अंदर मौजूद एएसआई चंद्रमोहन सिंह ने फायरिंग की। इस गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी एएसआई मौके से फरार हो गया।
मृतक की पत्नी के लिखित आवेदन पर बाबूबरही थाने में प्राथमिकी संख्या 576/26 दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 103(1), 109(1), 74 और 75 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
छह पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बुधवार 4 नवंबर 2026 को बताया कि जाँच में पाया गया कि बलिराजगढ़ के चौकीदार बिजेंद्र पासवान ने घटना की सूचना समय पर नहीं दी और आरोपी के फरार होने के दौरान भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। इसके चलते उन्हें निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है और सेवा से बर्खास्तगी की प्रक्रिया भी आरंभ की जाएगी।
पुलिस पिकेट पर तैनात पाँच सैप जवानों को भी निलंबित कर पुलिस लाइन में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। रात में गोली चलने के बाद इन जवानों ने समय पर प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे उनकी कर्तव्य के प्रति घोर उदासीनता उजागर हुई। इन्हें भी सेवा से बाहर करने के लिए पत्राचार किया गया है।
गिरफ्तारी के लिए बड़ा अभियान
फरार एएसआई चंद्रमोहन सिंह की गिरफ्तारी के लिए 12 विशेष टीमें गठित की गई हैं। एसपी के अनुसार जिले के भीतर, जिले के बाहर और नेपाल सीमा से सटे संदिग्ध इलाकों में लगातार छापेमारी जारी है। पिछले 24 घंटों में 6 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है और 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खँगाले गए हैं।
न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट और कुर्की की कार्रवाई के लिए भी प्रक्रिया जारी है। आरोपी की तस्वीर सार्वजनिक की गई है और उसके वर्तमान ठिकाने की जानकारी देने वाले को ₹25 हजार का इनाम दिया जाएगा।
पीड़िता का बयान और जाँच की स्थिति
घटना के समय जिस महिला के घर में आरोपी मौजूद था, उसका बयान दर्ज किया गया है। पीड़िता की चिकित्सकीय जाँच पूरी की गई है और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष भी बयान दर्ज कराए गए हैं।
मामले की गुणवत्तापूर्ण जाँच सुनिश्चित करने के लिए सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) गठित किया गया है।
प्रशासन की सख्ती, त्वरित सुनवाई का अनुरोध
जिला पदाधिकारी और एसपी योगेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से जिला जज को पत्र भेजकर मामले को त्वरित सुनवाई में शामिल करने का अनुरोध किया है। एसपी ने इस घटना को 'अत्यंत गंभीर अपराध' बताते हुए कहा कि पुलिस आरोपी को एक सामान्य अपराधी से भी अधिक कठोर सजा दिलाने के लिए प्रयासरत रहेगी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।