4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मधुबनी हत्याकांड: फरार ASI चंद्रमोहन सिंह पर ₹25 हजार का इनाम, चौकीदार समेत 6 पुलिसकर्मी निलंबित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मधुबनी हत्याकांड: फरार ASI चंद्रमोहन सिंह पर ₹25 हजार का इनाम, चौकीदार समेत 6 पुलिसकर्मी निलंबित

सारांश

बिहार के मधुबनी में एक महिला के घर में एएसआई की फायरिंग ने पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक की जान गई, चौकीदार समेत 6 पुलिसकर्मी निलंबित हुए और फरार आरोपी की धरपकड़ के लिए नेपाल सीमा तक 12 टीमें तलाश में जुटी हैं।

मुख्य बातें

बलिराजगढ़ गाँव, मधुबनी में एएसआई चंद्रमोहन सिंह की फायरिंग में 1 ग्रामीण की मौत , 3 घायल ; घटना सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात लगभग 1 बजे हुई।
चौकीदार बिजेंद्र पासवान समेत 6 पुलिसकर्मी निलंबित ; सभी के खिलाफ सेवा समाप्ति की प्रक्रिया भी शुरू।
फरार एएसआई चंद्रमोहन सिंह की गिरफ्तारी के लिए 12 विशेष टीमें गठित, सूचना देने पर ₹25 हजार का इनाम।
पिछले 24 घंटों में 6 लोग हिरासत में, 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खँगाले गए।
एसआईटी गठित; जिला जज से त्वरित सुनवाई का अनुरोध; प्राथमिकी संख्या 576/26 दर्ज।

बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गाँव में एक सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) द्वारा की गई अंधाधुंध फायरिंग में एक ग्रामीण की जान चली गई और तीन अन्य घायल हो गए। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी एएसआई चंद्रमोहन सिंह समेत चौकीदार और पाँच सैप जवानों सहित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 12 विशेष टीमें गठित की गई हैं और उसके ठिकाने की सूचना देने वाले को ₹25 हजार का इनाम देने की घोषणा की गई है।

घटनाक्रम: क्या हुआ उस रात

यह घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात लगभग 1 बजे की है, जब बलिराजगढ़ गाँव में एक महिला के घर के अंदर मौजूद एएसआई चंद्रमोहन सिंह ने फायरिंग की। इस गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी एएसआई मौके से फरार हो गया।

मृतक की पत्नी के लिखित आवेदन पर बाबूबरही थाने में प्राथमिकी संख्या 576/26 दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 103(1), 109(1), 74 और 75 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

छह पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बुधवार 4 नवंबर 2026 को बताया कि जाँच में पाया गया कि बलिराजगढ़ के चौकीदार बिजेंद्र पासवान ने घटना की सूचना समय पर नहीं दी और आरोपी के फरार होने के दौरान भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। इसके चलते उन्हें निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है और सेवा से बर्खास्तगी की प्रक्रिया भी आरंभ की जाएगी।

पुलिस पिकेट पर तैनात पाँच सैप जवानों को भी निलंबित कर पुलिस लाइन में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। रात में गोली चलने के बाद इन जवानों ने समय पर प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे उनकी कर्तव्य के प्रति घोर उदासीनता उजागर हुई। इन्हें भी सेवा से बाहर करने के लिए पत्राचार किया गया है।

गिरफ्तारी के लिए बड़ा अभियान

फरार एएसआई चंद्रमोहन सिंह की गिरफ्तारी के लिए 12 विशेष टीमें गठित की गई हैं। एसपी के अनुसार जिले के भीतर, जिले के बाहर और नेपाल सीमा से सटे संदिग्ध इलाकों में लगातार छापेमारी जारी है। पिछले 24 घंटों में 6 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है और 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खँगाले गए हैं।

न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट और कुर्की की कार्रवाई के लिए भी प्रक्रिया जारी है। आरोपी की तस्वीर सार्वजनिक की गई है और उसके वर्तमान ठिकाने की जानकारी देने वाले को ₹25 हजार का इनाम दिया जाएगा।

पीड़िता का बयान और जाँच की स्थिति

घटना के समय जिस महिला के घर में आरोपी मौजूद था, उसका बयान दर्ज किया गया है। पीड़िता की चिकित्सकीय जाँच पूरी की गई है और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष भी बयान दर्ज कराए गए हैं।

मामले की गुणवत्तापूर्ण जाँच सुनिश्चित करने के लिए सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) गठित किया गया है।

प्रशासन की सख्ती, त्वरित सुनवाई का अनुरोध

जिला पदाधिकारी और एसपी योगेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से जिला जज को पत्र भेजकर मामले को त्वरित सुनवाई में शामिल करने का अनुरोध किया है। एसपी ने इस घटना को 'अत्यंत गंभीर अपराध' बताते हुए कहा कि पुलिस आरोपी को एक सामान्य अपराधी से भी अधिक कठोर सजा दिलाने के लिए प्रयासरत रहेगी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर तैनात जवानों और चौकीदार की चुप्पी — यह संयोग नहीं, प्रणालीगत विफलता के संकेत हैं। ₹25 हजार का इनाम और 12 टीमें सक्रियता दिखाती हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि वर्दीधारी व्यक्ति इतने समय तक बेखौफ रहा कैसे। एसआईटी और त्वरित सुनवाई के अनुरोध स्वागतयोग्य हैं, पर न्याय की असली कसौटी होगी — आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को ठोस राहत।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मधुबनी हत्याकांड में क्या हुआ था?
बिहार के मधुबनी जिले के बलिराजगढ़ गाँव में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात लगभग 1 बजे एएसआई चंद्रमोहन सिंह ने एक महिला के घर में फायरिंग की, जिसमें एक ग्रामीण की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। आरोपी घटना के बाद फरार हो गया।
किन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है और क्यों?
चौकीदार बिजेंद्र पासवान और पुलिस पिकेट पर तैनात पाँच सैप जवानों समेत कुल 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इन पर घटना की सूचना समय पर न देने और गोली चलने के बाद प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप है।
आरोपी एएसआई की गिरफ्तारी के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
फरार एएसआई चंद्रमोहन सिंह को पकड़ने के लिए 12 विशेष टीमें गठित की गई हैं जो जिले के भीतर, बाहर और नेपाल सीमा से सटे इलाकों में छापेमारी कर रही हैं। उसके ठिकाने की सूचना देने वाले को ₹25 हजार का इनाम देने की घोषणा भी की गई है।
इस मामले में कौन-सी धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है?
मृतक की पत्नी के आवेदन पर बाबूबरही थाने में प्राथमिकी संख्या 576/26 दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराएँ 103(1), 109(1), 74 और 75 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले की जाँच कौन कर रहा है और आगे क्या होगा?
सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। जिला पदाधिकारी और एसपी ने जिला जज को पत्र लिखकर मामले को त्वरित सुनवाई में शामिल करने का अनुरोध किया है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कठोरतम सजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले