मधुबनी में ASI की फायरिंग से ग्रामीण की मौत, निलंबित; गिरफ्तारी पर ₹25,000 का इनाम
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र में 3 नवंबर 2026 की रात एक सहायक अवर निरीक्षक (ASI) द्वारा की गई गोलीबारी में अशोक यादव (50) की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ग्रामीण घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब आरोपी ASI एक ग्रामीण महिला के घर में मौजूद था। मधुबनी पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने आरोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उसकी गिरफ्तारी पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया है।
घटनाक्रम: क्या हुआ उस रात
पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार-मंगलवार की रात करीब 1 बजे की है। बलिराजगढ़ गाँव स्थित पुलिस पिकेट के निकट तैनात आरोपी ASI वहाँ की एक महिला के घर के भीतर था। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने उसे घर में पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और कई लोग उसे घेरने लगे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वहाँ से निकलने और भागने के प्रयास में आरोपी ने अपनी सरकारी सर्विस पिस्टल से चार राउंड फायरिंग की। गोली लगने से चार लोग घायल हो गए। बाबूबरही थानाध्यक्ष ने सूचना मिलते ही सभी घायलों को गश्ती वाहन से सदर अस्पताल, मधुबनी पहुँचाया। इलाज के दौरान अशोक यादव ने दम तोड़ दिया; शेष तीन घायलों का उपचार जारी है।
पुलिस की तत्काल कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-1 एवं सदर-2 घटनास्थल पर पहुँचे। अधिकारियों ने मृतक और घायलों के परिजनों से मुलाकात की और आसपास के ग्रामीणों से घटना का ब्यौरा लिया। अस्पताल पहुँचकर घायलों का हालचाल भी जाना और चिकित्सकों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी ASI को निलंबित करने के साथ-साथ उसे सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाही भी उसी दिन की जाएगी। उनके विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा है और गिरफ्तारी के बाद स्पीडी ट्रायल के ज़रिए कड़ी सज़ा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
गिरफ्तारी के लिए पाँच विशेष टीमें गठित
आरोपी की तलाश में पाँच विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं जो लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने आरोपी के बारे में सूचना देने वाले व्यक्ति को अपनी ओर से ₹25,000 का इनाम देने की व्यक्तिगत घोषणा भी की।
यह ऐसे समय में आया है जब पुलिसकर्मियों के आचरण और जवाबदेही पर बिहार में पहले से सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि सरकारी सेवा पिस्टल का इस प्रकार का कथित दुरुपयोग न केवल आपराधिक दायित्व बल्कि विभागीय प्रक्रियाओं पर भी गंभीर प्रश्न उठाता है।
कानून-व्यवस्था और अफवाहों पर चेतावनी
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और उन्हें फैलाने से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में स्थिति सामान्य है और विधि-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है। मधुबनी पुलिस ने कहा है कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है और दोषी के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आने वाले दिनों में आरोपी की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।