आजमगढ़ में बाइक सवारों पर अंधाधुंध फायरिंग: सुशील की मौत, पिंटू यादव घायल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में 21 मई 2026 को अज्ञात बदमाशों ने दो बाइक सवार युवकों पर गोलियाँ चला दीं। इस हमले में कोढ़वा गांव (थाना जहानागंज) निवासी सुशील की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरे युवक पिंटू यादव की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना मुबारकपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव के समीप हुई, और हमलावर वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, दोनों युवक अपने दुपहिया वाहन से कहीं जा रहे थे। जैसे ही वे रानीपुर गांव के पास पहुँचे, पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुँचे और पुलिस की सहायता से दोनों घायलों को नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया।
अस्पताल में सुशील ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के अनुसार पिंटू यादव को गोली छूकर निकली है, जिससे उसकी जान को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और भारी तनाव का माहौल बन गया।
पुलिस की प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार स्वयं घटनास्थल पर पहुँचे और जाँच शुरू की। उन्होंने कहा, 'घटनास्थल का मैंने खुद निरीक्षण किया और सभी साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए।' पुलिस टीम अस्पताल पहुँचकर घायल पिंटू यादव से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ले रही है।
एसएसपी ने बताया कि बदमाशों को पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया जा रहा है। पिंटू यादव के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और कुछ साक्ष्य भी मिले हैं। अभी तक हमले का सटीक कारण सामने नहीं आया है।
आम जनता पर असर
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से ही जाँच के दायरे में है। रानीपुर और आसपास के गांवों में भय और तनाव का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दिनदहाड़े इस तरह की वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया है।
क्या होगा आगे
पुलिस घायल पिंटू यादव के बयान और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। हमले के पीछे की असली वजह तब स्पष्ट होगी जब पिंटू का पूरा बयान दर्ज हो जाएगा और जाँच आगे बढ़ेगी।