बुलंदशहर के सिकंदराबाद में पैसों के विवाद पर खूनी संघर्ष: फायरिंग और गाड़ी से कुचलने से अजब सिंह व सोनू की मौत
सारांश
मुख्य बातें
बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद थाना क्षेत्र के निजामपुर गाँव में 15 जुलाई को पैसों के लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच भीषण संघर्ष हुआ, जिसमें अजब सिंह और सोनू की मौत हो गई तथा रतन और अरविंद घायल हो गए। दोनों पक्षों के बीच दर्जन भर से अधिक राउंड फायरिंग हुई और एक व्यक्ति पर गाड़ी चढ़ाई गई — इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
घटनाक्रम: कैसे भड़की हिंसा
एसएसपी दिनेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सिकंदराबाद निवासी उत्तम शर्मा और प्रशांत नामक युवक के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर पहले कहासुनी हुई। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, मारपीट शुरू हुई और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगी। यह ऐसे समय में हुआ जब दोनों गुट पूरी तैयारी के साथ आए थे।
एसएसपी के अनुसार एक पक्ष के अजब सिंह की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि उसी पक्ष के रतन और अरविंद घायल हुए और उनका अस्पताल में उपचार जारी है। दूसरे पक्ष के सोनू पर गाड़ी चढ़ाई गई, जिससे गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसकी भी मौत हो गई।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर
वारदात की सूचना मिलते ही एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर, डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी और एसएसपी दिनेश कुमार सहित पुलिस के आला अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे। भारी पुलिस बल तैनात कर क्षेत्र को घेर लिया गया और जाँच शुरू कर दी गई।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कराई जा रही है और उन सभी के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इस तरह की सशस्त्र गुटबाजी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में समय-समय पर सामने आती रही है।
खुर्जा देहात में मुठभेड़: हत्या का आरोपी गिरफ्तार
इसी दिन बुलंदशहर जिले के खुर्जा देहात में पुलिस ने एक अलग मामले में हत्या के आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। जान मोहम्मद की हत्या के मामले में वांछित आरोपी लोकेश जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने के बाद पकड़ा गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से तमंचा, कारतूस और मृतक जान मोहम्मद का मोबाइल फोन बरामद किया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
आगे क्या
सिकंदराबाद दोहरे हत्याकांड में पुलिस सभी नामजद और अज्ञात आरोपियों की तलाश कर रही है। क्षेत्र में भारी पुलिस गश्त जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी यह संकेत देती है कि प्रशासन मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और शीघ्र गिरफ्तारियों की उम्मीद जताई जा रही है।