क्या रांची में पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक अपराधी घायल हुआ और दो अन्य गिरफ्तार हुए?

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क्या रांची में पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक अपराधी घायल हुआ और दो अन्य गिरफ्तार हुए?

सारांश

रांची में सोमवार सुबह पुलिस और सुजीत सिन्हा गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में एक अपराधी घायल हुआ और दो अन्य गिरफ्तार किए गए। पुलिस ने मौके से हथियार भी बरामद किए। जानिए इस मामले में और क्या हुआ।

मुख्य बातें

रांची में मुठभेड़ हुई, जिसमें एक अपराधी घायल और दो गिरफ्तार हुए।
पुलिस ने हथियार बरामद किए।
आफताब पहले भी अपराधों में शामिल था।
पुलिस की कार्रवाई जारी है।
अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

रांची, 13 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। रांची पुलिस और कुख्यात सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े अपराधियों के बीच सोमवार सुबह तुपुदाना-बालसिरिंग इलाके में मुठभेड़ हुई है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गिरोह से जुड़ा अपराधी आफताब गोली लगने से घायल हो गया, जबकि मौके से दो अन्य अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। घायल अपराधी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रांची एसएसपी राकेश रंजन को सूचना मिली थी कि सुजीत सिन्हा गैंग के अपराधी बालसिरिंग इलाके में किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने एक विशेष टीम गठित कर तुपुदाना क्षेत्र में भेजी। जैसे ही पुलिस की टीम इलाके में पहुंची, अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में आफताब को पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। दो अन्य अपराधियों को भी मौके से गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी राकेश रंजन, ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर और हटिया डीएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस जांच में पता चला है कि घायल अपराधी आफताब एक हफ्ता पहले डोरंडा के कुसई कॉलोनी स्थित सत्यभामा अपार्टमेंट के बाहर हुई गोलीबारी में भी शामिल था। उस घटना को शहर में दहशत फैलाने और स्थानीय कारोबारियों से रंगदारी वसूली के उद्देश्य से अंजाम दिया गया था। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह सुजीत सिन्हा के इशारे पर बिल्डरों और व्यापारियों से रंगदारी वसूली के लिए लगातार दहशत फैलाने की कोशिश कर रहा है।

रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ रांची पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी। उनके पास दो ऑप्शन है या तो आत्मसमर्पण कर दें या नहीं तो पुलिस की गोली खाने को तैयार रहें।

इसके पहले 10 अक्टूबर को भी खलारी थाना क्षेत्र में पुलिस और राहुल दुबे गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई थी। उस मुठभेड़ में पुलिस की गोली से गैंग के दो सदस्य साजन अंसारी और अमित गुप्ता घायल हुए थे, जबकि दो अन्य को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने वहां से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अपराधियों के संगठित गिरोहों का सामना करना आसान नहीं है। यह समय है कि पुलिस और समाज मिलकर इस समस्या का समाधान निकाले।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में मुठभेड़ कब हुई?
मुठभेड़ 13 अक्टूबर को हुई।
कौन सा गिरोह इस मुठभेड़ से जुड़ा था?
यह मुठभेड़ सुजीत सिन्हा गिरोह से संबंधित थी।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने एक अपराधी को गोली मारकर घायल किया और दो अन्य को गिरफ्तार किया।
घायल अपराधी का नाम क्या है?
घायल अपराधी का नाम आफताब है।
पुलिस ने क्या बरामद किया?
पुलिस ने मौके से कई हथियार और कारतूस बरामद किए।
राष्ट्र प्रेस
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