असम में भूमिहीन परिवारों को भूमि पट्टे देने का मिशन वसुंधरा का बड़ा कदम

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असम में भूमिहीन परिवारों को भूमि पट्टे देने का मिशन वसुंधरा का बड़ा कदम

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक लाख भूमिहीन परिवारों को भूमि के पट्टे दिए। यह कदम भूमि विवादों के समाधान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जानें इस योजना के तहत क्या-क्या हुआ।

Key Takeaways

  • एक लाख भूमिहीन परिवारों को भूमि के पट्टे मिले हैं।
  • मिशन वसुंधरा का उद्देश्य भूमि विवादों का समाधान करना है।
  • धेमाजी जिले में मुख्य आयोजन किया गया।
  • 10 लाख परिवारों को भूमि विवादों से मुक्ति मिली है।
  • भूमि विवाद का 80%25 समाधान किया जा चुका है।

गुवाहाटी, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को मिशन वसुंधरा-3 के तहत एक लाख भूमिहीन परिवारों और सार्वजनिक संस्थानों को भूमि के पट्टे प्रदान किए। इस पहल के माध्यम से सरकार ने भूमि संबंधी विवादों को व्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से सुलझाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने धेमाजी जिले के देउरी बील में राज्यस्तरीय कार्यक्रम में लाभार्थियों को भूमि पट्टे और आवंटन पत्र सौंपे। इसके साथ ही, स्वामित्व योजना के अंतर्गत भूमि विवादों का निपटारा हो चुके गाँवों का भी उल्लेख किया गया।

इसके अलावा, सुबंसिरी और जियाधल टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट से जुड़े 538 व्यक्तियों को भी वन अधिकार कानून-2006 के तहत वन भूमि आवंटित की गई। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि धेमाजी जिले के 44700 लोगों सहित पूरे राज्य के 1,06,905 लाभार्थियों को भूमि के पट्टे दिए गए हैं। धेमाजी जिले में मुख्य आयोजन का चयन इसलिए किया गया क्योंकि यहाँ के भूमिहीन परिवारों को इसका सबसे अधिक इंतजार था।

उन्होंने बताया कि मिशन वसुंधरा के तहत कई परिवारों को कानूनी अधिकार प्राप्त हुए हैं और पिछले पांच वर्षों में लगभग 10 लाख परिवारों को भूमि विवादों से मुक्ति मिली है। मिशन वसुंधरा-1 के अंतर्गत भूमि विवादों में सुधार के चलते लगभग 5.82 लाख परिवारों को भूमि के पट्टे दिए गए हैं।

मिशन वसुंधरा-2 के तहत सरकारी भूमि पर कई पीढ़ियों से रह रहे 2.29 लाख परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिला, जिनमें से अधिकतर एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय से हैं। इसके साथ ही, पूरे राज्य में धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संस्थानों को भी भूमि पट्टे आवंटित किए गए हैं। अब तक 903 में से 769 गांवों में सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और 30 हजार परिवारों को पट्टा दिया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भूमि विवाद से संबंधित 80 प्रतिशत मुद्दों का समाधान किया जा चुका है। इससे पहले, उन्होंने धेमाजी जिले में 49 करोड़ की लागत से बने उपायुक्त कार्यालय का उद्घाटन किया।

Point of View

बल्कि यह आर्थिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगा।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

मिशन वसुंधरा क्या है?
मिशन वसुंधरा असम सरकार की एक योजना है, जिसका उद्देश्य भूमिहीन परिवारों को भूमि के पट्टे प्रदान करना और भूमि विवादों का समाधान करना है।
कितने परिवारों को भूमि पट्टे मिले?
मिशन वसुंधरा-3 के तहत एक लाख भूमिहीन परिवारों को भूमि पट्टे प्रदान किए गए हैं।
भूमि विवादों का समाधान कैसे किया गया?
सरकार ने भूमि विवादों को व्यवस्थित और निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाने के लिए विभिन्न योजनाएँ बनाई हैं।
इस योजना का लाभ किस प्रकार के परिवारों को मिला?
इस योजना का लाभ एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के परिवारों सहित विभिन्न भूमिहीन परिवारों को मिला है।
क्या मिशन वसुंधरा का कोई पूर्व संस्करण है?
हाँ, मिशन वसुंधरा-1 और मिशन वसुंधरा-2 भी थे, जिनके तहत पहले भी भूमि विवादों का समाधान किया गया है।
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