असम में पीएम मोदी का गुवाहाटी दौरा: भूमिहीनों को मिलेगा भूमि पट्टा, खुशी का माहौल
सारांश
Key Takeaways
- भूमिहीन लोगों को भूमि पट्टे देने की पहल
- पीएम किसान योजना की किस्त का वितरण
- स्थानीय आदिवासी और श्रमिक समुदाय को लाभ
- सरकार की योजनाओं से संतोष और समर्थन
- महिलाओं के हित में किए गए कार्यों की सराहना
गुवाहाटी, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को असम के गुवाहाटी में भूमिहीन व्यक्तियों को भूमि पट्टे वितरित करेंगे। इस अवसर पर पीएम किसान योजना की २२वीं किस्त भी जारी की जाएगी। प्रधानमंत्री के इस यात्रा को लेकर राज्य में लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कई लाभार्थियों ने कहा है कि वे लंबे समय से इस क्षण का इंतज़ार कर रहे थे और अब भूमि का मालिकाना हक मिलने से उनके जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन आएगा।
स्थानीय निवासियों का मानना है कि इस पहल से विशेष रूप से चाय बागानों में कार्यरत भूमिहीन श्रमिकों और आदिवासी समुदाय को बड़ी सहायता मिलेगी। लाभार्थियों का कहना है कि भूमि पट्टे मिलने से उन्हें स्थायी पहचान और सुरक्षा मिलेगी, जिससे उनके परिवारों का भविष्य बेहतर होगा।
लखीराम ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि भूमि पट्टे वितरण के लिए वह प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हर वर्ग के लोगों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और उनके नेतृत्व में देश के सभी क्षेत्रों में विकास हो रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा किए गए कार्यों से लोग संतुष्ट हैं और वे भविष्य में भी इस सरकार का समर्थन करेंगे।
असम के निवासी घनश्याम ने कहा कि चाय बागानों में कार्य करने वाले उन लोगों के लिए जो भूमि के बिना हैं, अब उन्हें भूमि मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले किसी भी सरकार ने भूमि पट्टे के मुद्दे पर गंभीरता से विचार नहीं किया, लेकिन अब यह पहल हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त जारी होने से किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं के अनुसार खाद और बीज खरीद सकेंगे। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।
महिलाओं ने भी केंद्र सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। उनका कहना है कि महिलाओं के हित के लिए जो कार्य किए गए हैं, वे अन्य सरकारों ने नहीं किए। महिलाओं का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझते हैं और उनके समाधान के लिए काम करते हैं।
डिब्रूगढ़ निवासी मृत्यंजय ने कहा कि आज पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है, क्योंकि चाय बागानों में रहने वाले आदिवासी समुदाय को भूमि पट्टा मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री स्वयं भूमि पट्टों का आवंटन करेंगे तो लोगों की खुशी और भी बढ़ जाएगी।
जतिन ने कहा कि वह भारत सरकार और असम सरकार को भूमिहीन लोगों को भूमि का पट्टा देने के लिए बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि पहले कई राजनीतिक दलों ने किसानों और गरीबों से वादे किए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया। उनके अनुसार अब सरकार बनने के बाद कई वादे धरातल पर पूरे होते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त जारी होने से किसानों को आर्थिक मजबूती मिल रही है और इससे उनकी खेती-किसानी से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलती है।