प्रधानमंत्री मोदी ने असम में 19,4800 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी ने 19,4800 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
- परियोजनाएं असम के विकास को गति देंगी।
- लोअर कोपिली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से पूरे उत्तर-पूर्व को लाभ होगा।
- चाय बागानों के श्रमिकों के लिए नई योजनाएं लागू की गई हैं।
- सरकार ने स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का वचन दिया है।
गुवाहाटी, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम के गुवाहाटी में लगभग 19,4800 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए शहर के निवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देशभर से आए किसानों और चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों का भी सम्मान किया।
उन्होंने नवरात्रि की पूर्व संध्या पर मां कामाख्या की पवित्र भूमि पर उपस्थित होने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें मां कामाख्या की भूमि पर, नवरात्रि के आरंभ से पहले, दर्शन करने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मां कामाख्या के आशीर्वाद से 19,500 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया।
उन्होंने बताया कि असम को विभिन्न परियोजनाएं मिली हैं, जिनमें ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने वाली परियोजनाएं भी शामिल हैं, जो असम के यात्रियों की सुविधा को भी बढ़ाएंगी। उन्होंने कहा कि असम देश की नवीकरणीय ऊर्जा संबंधी प्रतिबद्धताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोअर कोपिली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इससे केवल असम ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर-पूर्व क्षेत्र को लाभ होगा। उन्होंने जोर दिया कि हजारों करोड़ के ये प्रोजेक्ट असम के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं और राज्य की प्रगति को बढ़ावा दे रहे हैं। मौजूदा 'डबल-इंजन सरकार' की पहचान उसकी संवेदनशीलता और सुशासन में है।
उन्होंने यह भी कहा कि हर क्षेत्र और समाज के हर तबके का विकास सरकार की प्राथमिकता है। इसी भावना के साथ, चाय बागानों में काम करने वाले मज़दूरों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि इन मज़दूरों की मेहनत ने असम की वैश्विक पहचान को मजबूत किया है, और उनके द्वारा उगाई गई चाय की खुशबू भारत की पहचान बन गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान सरकार इन मजदूरों को सम्मान और सहायता दोनों प्रदान कर रही है। उन्होंने चाय बागानों से जुड़े परिवारों के लिए सराहनीय कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि असम सरकार अब इस ऐतिहासिक अन्याय को खत्म करने के लिए काम कर रही है।
इन परिवारों को अब अपनी जमीन मिल रही है और उनके लिए पक्के मकान पाने का रास्ता भी साफ हो गया है। चाय बागानों में रहने वाली महिलाओं को इस पहल से विशेष रूप से फ़ायदा होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह इच्छा जताई कि चाय बागान में काम करने वाले परिवारों के बच्चे भी अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और जीवन में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने इसके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।