पीएम मोदी ने कोकराझार में 4,570 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ, 'असम माला 3.0' का किया लोकार्पण
सारांश
Key Takeaways
- पीएम मोदी ने 4,570 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
- 'असम माला 3.0' योजना का लोकार्पण हुआ।
- कोकराझार में तीन नई रेल सेवाएं शुरू की गईं।
- बोडोलैंड क्षेत्र में 1,100 करोड़ रुपए का निवेश।
- सड़क कनेक्टिविटी में सुधार के लिए 900 किलोमीटर सड़कों का निर्माण।
गुवाहाटी, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से असम के कोकराझार में ४,५७० करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसके साथ ही, उन्होंने तीन नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, "मौसम की खराबी के कारण मैं कोकराझार नहीं आ पाया, इसके लिए मैं आप सभी से क्षमा चाहता हूँ। गुवाहाटी से ही मैं आपसे संवाद कर रहा हूँ।"
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा-एनडीए की डबल इंजन सरकार असम की संस्कृति के संरक्षण और विकास में निरंतर प्रयासरत है। आज के कार्यक्रम में इस क्षेत्र के विकास के लिए ४,५०० करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है। इनमें से १,१०० करोड़ रुपए से अधिक की राशि बोडोलैंड की सड़कों के लिए आवंटित की जाएगी। 'असम माला अभियान' के तीसरे चरण से असम की सड़क कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
इससे पहले, पीएम मोदी ने ३,२०० करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली प्रमुख सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना 'असम माला 3.0' की शुरुआत की। इस योजना के तहत, अंतर-राज्यीय संपर्क को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय राजमार्गों एवं ग्रामीण सड़कों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने के लिए असम में ९०० किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) क्षेत्र में लगभग १,१०० करोड़ रुपए के निवेश से निर्मित छह सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिनमें चार फ्लाईओवर और दो पुल शामिल हैं। ये परियोजनाएं कोकराझार जिले में यातायात जाम कम करने और संपर्क, पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य सेवा तथा ग्रामीण आवागमन में सुधार लाने में सहायक होंगी। इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी ने कोकराझार जिले के बाशबारी में आवधिक मरम्मत (पीओएच) कार्यशाला की आधारशिला रखी।
पीएम मोदी ने असम और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में संपर्क सुधारने के लिए शुरू की गई तीन नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई। इनमें कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल है, जो उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस, असम और पश्चिम बंगाल के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगी। वहीं, नारंगी-अगरतला एक्सप्रेस असम और त्रिपुरा के बीच संपर्क को सुधारते हुए यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए अंतर-राज्यीय यात्रा को सुगम बनाएगी।