मधुबनी में नाबालिग से मारपीट का वायरल वीडियो: चार आरोपी चिह्नित, जयनगर थाने में FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
मधुबनी पुलिस ने 26 सितंबर 2026 को एक नाबालिग लड़की के साथ खेत में मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद त्वरित संज्ञान लिया और चार आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार यह वीडियो करीब एक माह पुराना है और जयनगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।
वीडियो कैसे आया सामने
मधुबनी पुलिस के सोशल मीडिया सेल ने नियमित मॉनिटरिंग के दौरान यह वीडियो पकड़ा। इसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक, मधुबनी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वयं पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की और घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), मधुबनी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जयनगर को विधि सम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
घटना का पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जयनगर ने वीडियो का सत्यापन करने के लिए पीड़िता के घर पहुँचकर जाँच की। पीड़िता के परिजन और स्थानीय लोगों ने बताया कि लड़की अपने एक पड़ोसी के साथ खेत में संदिग्ध स्थिति में पाई गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने उसे पकड़कर परिजनों के सामने मारपीट की। परिजनों के अनुसार, उसी दिन स्थानीय लोगों ने दोनों की राजी-खुशी से शादी करा दी और वर्तमान में लड़की अपनी ससुराल नेपाल में रह रही है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि वीडियो में मारपीट करते दिख रहे चारों आरोपियों की पहचान कर ली गई है। इन सभी के खिलाफ जयनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर सघन छापेमारी की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नाबालिगों से जुड़े अपराध की घटनाओं पर पुलिस की सोशल मीडिया निगरानी पहले से तेज़ की गई है।
पीड़िता की गरिमा और कानूनी चेतावनी
मधुबनी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने अथवा उसकी गरिमा एवं निजता को प्रभावित करने वाली किसी भी फोटो, वीडियो, नाम, पता या पहचान संबंधी सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करना संज्ञेय अपराध है। पुलिस के अनुसार ऐसा करना पॉक्सो एक्ट, जे.जे. एक्ट और आईटी एक्ट के तहत दंडनीय है।
अफवाहों पर नजर
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि घटना से जुड़ी अप्रमाणित सूचनाएँ या अफवाहें फैलाकर भ्रम और अशांति उत्पन्न करने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की निगरानी की जा रही है। पहचान होने पर ऐसे लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि नाबालिग पीड़िता की पहचान और गरिमा की सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।