गया में कपल से बदसलूकी: ८ गिरफ्तार, वीडियो वायरल करने वालों पर भी होगी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के गया जिले के शेरघाटी थाना क्षेत्र में चापी गांव की पहाड़ी पर घूमने गए एक युवक-युवती के साथ मारपीट और बदसलूकी के मामले में पुलिस ने ८ लोगों को गिरफ्तार किया है। 30 सितंबर 2026 को सामने आई इस घटना में गिरफ्तार आरोपियों में चार नाबालिग और चार वयस्क शामिल हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की और उन्हें हिरासत में लिया।
घटनाक्रम: क्या हुआ चापी की पहाड़ियों पर
गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुशील कुमार ने बताया कि दोनों युवक-युवती, जो वयस्क हैं और आपस में मित्र हैं, शेरघाटी थाना क्षेत्र के चापी गांव स्थित पहाड़ी इलाके में केवल घूमने के उद्देश्य से गए थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने उन्हें घेर लिया और युवक के साथ गाली-गलौज व मारपीट की।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर कपल की बाइक की चाबी छीनने, गाड़ी के टायर की हवा निकालने और दोनों को लंबे समय तक वहाँ रोके रखने का भी आरोप है। वायरल वीडियो में गाड़ी के प्लग निकाले जाने की बातचीत भी सुनाई देती है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के तुरंत बाद शेरघाटी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। SSP सुशील कुमार ने बताया कि ग्रामीण SP के नेतृत्व में शेरघाटी SDPO और थानाध्यक्ष की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल छापेमारी की गई। वायरल वीडियो में दिखने वाले सभी ८ संलिप्त व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। सभी आरोपियों के विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई जारी है।
वीडियो वायरल करने वालों पर भी होगी कानूनी कार्रवाई
SSP सुशील कुमार ने स्पष्ट किया कि कुछ यूट्यूबर्स और अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं द्वारा पीड़ित युवती का चेहरा बिना ब्लर किए वीडियो प्रसारित किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है। ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब पीड़ितों की पहचान उजागर करने को लेकर साइबर कानूनों का उल्लंघन एक गंभीर चिंता बन चुका है।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे लिंक को टेकडाउन कराने के लिए संबंधित प्लेटफॉर्म्स को अनुरोध भेज दिया है। वायरल सामग्री हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आम जनता से पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घटना से संबंधित कोई भी वीडियो या पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली सामग्री सोशल मीडिया पर साझा न करें। SSP ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि नाबालिग आरोपियों के विरुद्ध किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत अलग से कार्रवाई होगी, जबकि वयस्क आरोपी मुख्य न्यायिक प्रक्रिया का सामना करेंगे। वीडियो प्रसारित करने वाले यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की पहचान के बाद उन पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज होने की संभावना है।