जमुई उत्पीड़न कांड: तीन गिरफ्तार, बिहार महिला आयोग सक्रिय; डीएम-एसपी की त्वरित कार्रवाई की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के जमुई में 19 सितंबर 2026 की शाम लखीसराय-जमुई सीमावर्ती क्षेत्र में कक्षा 10 के दो स्कूली छात्र-छात्रा के साथ कथित उत्पीड़न का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले पर बिहार राज्य महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
घटनाक्रम: वीडियो से गिरफ्तारी तक
आयोग की अध्यक्ष अप्सरा के अनुसार, यह घटना 19 सितंबर की शाम लखीसराय और जमुई के सीमावर्ती इलाके में घटी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सोमवार सुबह मीडिया रिपोर्टों के ज़रिए आयोग को इसकी जानकारी मिली। वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोगों द्वारा दो नाबालिग स्कूली छात्रों के साथ उत्पीड़न किए जाने का दृश्य था।
पुलिस ने स्कूटी की नंबर प्लेट के आधार पर पीड़ितों की पहचान की और उनसे संपर्क कर एफआईआर दर्ज की। इसके बाद तेज़ी से छापेमारी करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई जारी है।
महिला आयोग की सक्रियता
अध्यक्ष अप्सरा ने बताया कि जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत जमुई के एसपी को पत्र लिखा और जिलाधिकारी (डीएम) से सीधे बात कर पूरे मामले की परिस्थितियाँ समझीं। उन्होंने कहा, 'मैंने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसपी को पत्र लिखा। इसके अलावा जमुई डीएम से बात कर घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली।'
आयोग ने स्थानीय अधिकारियों से मामले की नवीनतम और अद्यतन रिपोर्ट भी माँगी है। डीएम ने शाम तक मामले की अपडेट जानकारी देने का आश्वासन दिया है। अप्सरा ने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो आयोग की टीम घटनास्थल का दौरा कर पीड़ितों से सीधे मुलाकात करेगी।
प्रशासन की कार्रवाई की सराहना
अध्यक्ष अप्सरा ने वीडियो वायरल होने के बाद जिस तेज़ी से गिरफ्तारियाँ हुईं, उसे 'प्रशंसनीय' बताया। उन्होंने जमुई के डीएम और एसपी दोनों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल ज़िला प्रशासन और पुलिस मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है।
आम जनता पर असर और आगे की कार्रवाई
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर पहले से चर्चा है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के कारण प्रशासनिक संज्ञान और जवाबदेही दोनों तेज़ हुई, जो एक सकारात्मक प्रवृत्ति है। अप्सरा ने दो टूक कहा, 'जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।'
आयोग प्रशासन से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगा। मामले में अभी और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।