जमुई में 10वीं छात्रा से कथित छेड़छाड़-मारपीट: राष्ट्रीय महिला आयोग सख्त, बिहार DGP से 7 दिन में रिपोर्ट तलब
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय महिला आयोग ने बिहार के जमुई जिले में एक नाबालिग 10वीं कक्षा की छात्रा के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़, मारपीट, जबरन रोकने और अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले में तत्काल कार्रवाई की माँग की है। आयोग ने बिहार पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर सात दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
घटनाक्रम: क्या हुआ जमुई में
बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा की ओर से जमुई के पुलिस अधीक्षक को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि 19 सितंबर 2026 की शाम करीब सात बजे एक 10वीं की छात्रा कोचिंग के बाद मड़वा पहाड़ से लौट रही थी। इसी दौरान कुछ कथित आपराधिक लोगों ने रात के समय उस युवती और उसके पुरुष साथी को घेर लिया।
आरोप है कि युवती को पकड़कर खींचा गया, उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उसके साथी के साथ भी मारपीट की गई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से प्रसारित हुआ, जिसके बाद दोनों महिला आयोगों ने कड़ा रुख अपनाया।
राष्ट्रीय महिला आयोग की माँगें
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बिहार DGP को लिखे पत्र में निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
पहला, मामले में तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए। दूसरा, वायरल वीडियो फुटेज के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। तीसरा, मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जाँच की जाए। चौथा, सात दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपी जाए।
इसके अलावा आयोग ने पीड़िता को आवश्यक सुरक्षा, कानूनी सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो की आगे की शेयरिंग रोकने के लिए भी आवश्यक कानूनी कदम उठाने को कहा गया है।
बिहार राज्य महिला आयोग भी सक्रिय
राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ-साथ बिहार राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जमुई के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। राज्य आयोग ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और आयोग को उससे अवगत कराने को भी कहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में महिला सुरक्षा को लेकर सवाल पहले से उठ रहे हैं। गौरतलब है कि वायरल वीडियो मामलों में महिला आयोगों का स्वत: संज्ञान लेना अब एक नियमित प्रक्रिया बन चुकी है, परंतु अनुपालन की गति अक्सर आलोचकों के निशाने पर रहती है।
आयोगों का स्पष्ट संदेश
दोनों महिला आयोगों ने अपने पत्रों में स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बालिकाओं की गरिमा, सुरक्षा और निजता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं है। आयोग की यह दो-स्तरीय कार्रवाई — केंद्रीय और राज्य दोनों स्तर पर — इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करती है।
अब सभी की नज़रें बिहार पुलिस की प्रतिक्रिया पर हैं — क्या आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जाँच तय समयसीमा में हो पाती है, यह आने वाले सात दिनों में स्पष्ट होगा।