चक्रवात 'मुरासु' से पश्चिम बंगाल में सर्दी की देरी, काली पूजा से पहले तापमान गिरने का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
चक्रवात 'मुरासु' के अप्रत्यक्ष प्रभाव के चलते पश्चिम बंगाल में इस बार सर्दियों की दस्तक देर से हो रही है — भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को बताया कि राज्य भर में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। हालाँकि, मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है और 8 नवंबर को काली पूजा से पहले ठंड की शुरुआत हो सकती है।
मौसम की मौजूदा स्थिति
सोमवार को कोलकाता में अधिकतम तापमान 31.04 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य स्तर (31 डिग्री) से मामूली ऊपर है। न्यूनतम तापमान 25.02 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.03 डिग्री अधिक है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि रातें अभी भी असामान्य रूप से गर्म हैं, जो पारंपरिक रूप से नवंबर के पहले हफ्ते में नहीं होता।
चक्रवात का सीधा असर बंगाल पर पड़ने की संभावना नहीं है, लेकिन इसके अप्रत्यक्ष प्रभाव से मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा और छिटपुट हल्की बारिश हो सकती है।
उत्तर और दक्षिण बंगाल में पूर्वानुमान
उत्तर बंगाल के जिलों — दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार और कूचबिहार — में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है, जबकि शेष तीन जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
दक्षिण बंगाल में उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, कोलकाता, हावड़ा, हुगली, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिमी मिदनापुर, झाड़ग्राम, बांकुरा और पुरुलिया में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के साथ आँधी-तूफान आने की आशंका है। अन्य जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।
पड़ोसी राज्यों पर चक्रवात का असर
चक्रवात 'मुरासु' के कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है, जहाँ भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। यह ऐसे समय में आया है जब इन राज्यों के तटीय क्षेत्र पहले से ही मॉनसून के बाद की बाढ़ से उबर रहे हैं।
काली पूजा से पहले राहत का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार से शनिवार के बीच पूरे राज्य में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा और बारिश की संभावना धीरे-धीरे कम होती जाएगी। जैसे-जैसे बादल छँटेंगे, रात के तापमान में लगातार गिरावट आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि 8 नवंबर को काली पूजा का पर्व है और बंगाल में इस त्योहार के आसपास ठंड की आमद एक परंपरागत मौसमी संकेत मानी जाती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चक्रवात का प्रभाव जल्दी समाप्त हो जाता है, तो काली पूजा के आसपास बंगाल में सर्दियों की असली दस्तक हो सकती है — जो लाखों बंगालवासियों के लिए त्योहारी माहौल को और सुहावना बना देगी।