SBI का Q2 शुद्ध मुनाफा 14.3% उछलकर ₹23,038 करोड़, NII में भी 15% की बढ़त
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 3 नवंबर 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के वित्तीय नतीजे घोषित किए, जिनमें बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.3 प्रतिशत बढ़कर ₹23,038 करोड़ पर पहुँच गया। इस आंकड़े में सहयोगी कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड में हिस्सेदारी बिक्री से प्राप्त एकमुश्त आय भी शामिल है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक के ये नतीजे मुंबई से जारी किए गए।
मुख्य वित्तीय आंकड़े
वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में SBI का शुद्ध मुनाफा ₹20,160 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹23,038 करोड़ हो गया है। इस वृद्धि में अहम भूमिका SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड में 6.30 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री से आई ₹7,288 करोड़ की एकमुश्त आय की रही। आंकड़ों के अनुसार, इस असाधारण आय को हटाकर देखें तो मुख्य परिचालन प्रदर्शन में सीमित सुधार नज़र आता है।
बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 15 प्रतिशत उछलकर ₹49,143 करोड़ रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹42,847 करोड़ थी। NII की यह मज़बूत वृद्धि बैंक के मुख्य ऋण व्यवसाय की स्थिरता को दर्शाती है।
ऑपरेटिंग मुनाफे में मामूली गिरावट
हालाँकि, वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में बैंक का ऑपरेटिंग मुनाफा सालाना आधार पर 1.4 प्रतिशत घटकर ₹26,937 करोड़ रह गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹27,311 करोड़ था। यह ऐसे समय में आया है जब बैंकिंग क्षेत्र में परिचालन लागतें बढ़ रही हैं। वहीं, प्रोविजन में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई — यह घटकर ₹4,217 करोड़ पर आ गया, जो एक साल पहले ₹5,400 करोड़ और पिछली तिमाही में ₹5,047 करोड़ था।
एसेट क्वालिटी में सुधार
समीक्षा अवधि में बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार देखा गया। ग्रॉस NPA घटकर 1.39 प्रतिशत पर आया, जो वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 1.47 प्रतिशत था। इसी तरह, नेट NPA भी 0.38 प्रतिशत से घटकर 0.36 प्रतिशत हो गया। गौरतलब है कि यह लगातार कई तिमाहियों से जारी NPA सुधार की प्रवृत्ति का हिस्सा है, जो दर्शाता है कि बैंक का ऋण प्रबंधन अनुशासित दिशा में आगे बढ़ रहा है।
शेयर बाज़ार की प्रतिक्रिया
नतीजों के बाद SBI के शेयर में हल्की बिकवाली देखने को मिली। दोपहर 2:44 बजे शेयर 0.76 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ ₹979 पर कारोबार कर रहा था। बीते एक महीने में शेयर ने 1.99 प्रतिशत का सकारात्मक रिटर्न दिया है, जबकि बीते छह महीनों में यह 8.61 प्रतिशत नीचे है। बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, एकमुश्त आय की वजह से मुनाफे में आई वृद्धि को निवेशकों ने पूरी तरह टिकाऊ नहीं माना, जिससे शेयर पर दबाव बना।
आगे की संभावनाएँ
NII में मज़बूत वृद्धि और NPA में लगातार सुधार SBI की बुनियादी वित्तीय सेहत को मज़बूत बताते हैं। अगली तिमाही में बैंक का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि एकमुश्त आय के बिना मुख्य परिचालन मुनाफा किस दिशा में जाता है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों का रुख भी आगामी तिमाहियों में बैंक की NII पर असर डालेगा।