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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का Q1 मुनाफा 13.3% उछलकर ₹1,324 करोड़, NII में 16% की बढ़त; NPA में सुधार

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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का Q1 मुनाफा 13.3% उछलकर ₹1,324 करोड़, NII में 16% की बढ़त; NPA में सुधार

सारांश

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का पहली तिमाही मुनाफा 13.3% उछलकर ₹1,324 करोड़ पहुँचा — NII में 16% की बढ़त और प्रावधानों में कमी ने नतीजे सँभाले। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 5.1% की गिरावट चिंता का विषय, लेकिन GNPA 2.60% पर आकर एसेट क्वालिटी में सुधार के संकेत।

मुख्य बातें

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का Q1 FY27 शुद्ध मुनाफा 13.3% बढ़कर ₹1,324 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष ₹1,169 करोड़ था।
नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सालाना आधार पर 16% उछलकर ₹3,914 करोड़ पहुँची।
परिचालन लाभ (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) 5.1% घटकर ₹2,186 करोड़ रह गया।
प्रोविजन ₹521.1 करोड़ से घटकर ₹401.6 करोड़ पर आया।
GNPA अनुपात 2.67% से सुधरकर 2.60% ; NNPA 0.49% पर स्थिर।
शेयर 17 जुलाई को 2.79% गिरकर ₹31.70 पर बंद; कोई डिविडेंड घोषित नहीं।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में ₹1,324 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 13.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। नेट इंटरेस्ट इनकम में मज़बूत वृद्धि और प्रावधानों में कमी ने यह नतीजा संभव किया, हालाँकि परिचालन लाभ में गिरावट एक सतर्कता का संकेत ज़रूर है।

मुख्य वित्तीय संकेतक

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, बैंक का शुद्ध मुनाफा अप्रैल-जून तिमाही में ₹1,324 करोड़ रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹1,169 करोड़ था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) — यानी ब्याज आय और ब्याज व्यय के बीच का अंतर — सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर ₹3,914 करोड़ हो गई, जो एक वर्ष पूर्व ₹3,383 करोड़ थी।

हालाँकि, बैंक का परिचालन लाभ (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) 5.1 प्रतिशत घटकर ₹2,186 करोड़ रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹2,304 करोड़ था। यह गिरावट दर्शाती है कि परिचालन लागत का दबाव अभी भी बना हुआ है।

प्रावधानों में उल्लेखनीय कमी

इस तिमाही में बैंक के प्रोविजन में भी उल्लेखनीय कमी आई। अप्रैल-जून में प्रोविजन ₹401.6 करोड़ रहा, जबकि एक वर्ष पूर्व यह ₹521.1 करोड़ था। तिमाही आधार पर भी गिरावट दर्ज हुई — जनवरी-मार्च तिमाही में यह ₹504.3 करोड़ था, जो अब घटकर ₹401.6 करोड़ पर आ गया। प्रावधानों में यह कमी शुद्ध मुनाफे में वृद्धि का एक प्रमुख कारण रही।

एसेट क्वालिटी में सुधार

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) अनुपात पिछली तिमाही के 2.67 प्रतिशत से घटकर 2.60 प्रतिशत हो गया। नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) अनुपात 0.49 प्रतिशत पर स्थिर बना रहा। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने NPA की समस्या से उबरने में उल्लेखनीय प्रगति की है, और सेंट्रल बैंक भी उसी दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है।

लागत और डिपॉजिट की स्थिति

बैंक का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो पहली तिमाही में 55.40 प्रतिशत रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 55.30 प्रतिशत से 10 बेसिस पॉइंट्स अधिक है। वहीं, कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट (वार्षिक आधार पर) 4.93 प्रतिशत से सुधरकर 4.60 प्रतिशत पर आ गई, जो बैंक की फंडिंग लागत में कमी का संकेत है।

शेयर और डिविडेंड की स्थिति

बैंक ने तिमाही नतीजों के साथ किसी डिविडेंड की घोषणा नहीं की। 17 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को बैंक का शेयर ₹0.91 यानी 2.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹31.70 प्रति शेयर पर बंद हुआ। आगामी तिमाहियों में NII की रफ्तार और ऑपरेटिंग प्रॉफिट की दिशा बैंक के प्रदर्शन का मुख्य पैमाना होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 5.1% की गिरावट एक महत्वपूर्ण संकेत है — मुनाफे की वृद्धि मुख्यतः प्रावधानों में कमी से आई है, न कि मूल परिचालन दक्षता से। कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 55.40% पर बना रहना यह बताता है कि लागत नियंत्रण अभी भी एक अनसुलझी चुनौती है। NII में 16% की बढ़त उत्साहजनक है, लेकिन यदि ऑपरेटिंग दक्षता नहीं सुधरी तो आगामी तिमाहियों में प्रावधान कम करने की गुंजाइश सीमित हो सकती है और मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का Q1 FY27 में शुद्ध मुनाफा कितना रहा?
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध मुनाफा ₹1,324 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹1,169 करोड़ की तुलना में 13.3% अधिक है।
मुनाफे में बढ़ोतरी के मुख्य कारण क्या रहे?
मुनाफे में वृद्धि के दो प्रमुख कारण रहे — नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 16% की सालाना बढ़त जो ₹3,914 करोड़ पर पहुँची, और प्रोविजन में कमी जो ₹521.1 करोड़ से घटकर ₹401.6 करोड़ रह गया। हालाँकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट 5.1% घटा।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का NPA अनुपात क्या है?
बैंक का ग्रॉस NPA (GNPA) अनुपात पिछली तिमाही के 2.67% से घटकर 2.60% हो गया है, जो एसेट क्वालिटी में सुधार का संकेत है। नेट NPA (NNPA) अनुपात 0.49% पर स्थिर बना रहा।
क्या बैंक ने इस तिमाही डिविडेंड घोषित किया?
नहीं, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने Q1 FY27 के नतीजों के साथ कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया। 17 जुलाई 2026 को बैंक का शेयर 2.79% गिरकर ₹31.70 पर बंद हुआ।
बैंक का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो और कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट कैसा रहा?
Q1 FY27 में कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 55.40% रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के 55.30% से 10 बेसिस पॉइंट्स अधिक है। वहीं, कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट 4.93% से सुधरकर 4.60% पर आ गई।
राष्ट्र प्रेस
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