NBCC का Q4 मुनाफा 39% उछलकर ₹253.51 करोड़, बोर्ड ने ₹0.46 प्रति शेयर लाभांश की सिफारिश की
सारांश
मुख्य बातें
एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड ने 25 मई 2025 को वित्त वर्ष 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 38.78 प्रतिशत बढ़कर ₹253.51 करोड़ हो गया — जो एक वर्ष पहले ₹182.66 करोड़ था। तिमाही आधार पर भी मुनाफे में 28.5 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
राजस्व में मामूली गिरावट, लेकिन मुनाफे में तेज उछाल
मार्च तिमाही में एनबीसीसी की परिचालन आय सालाना आधार पर 1.80 प्रतिशत घटकर ₹4,559.79 करोड़ रह गई, जो वित्त वर्ष 2025 की समान तिमाही में ₹4,643.84 करोड़ थी। हालाँकि तिमाही आधार पर आय में 51 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो दर्शाती है कि दिसंबर तिमाही के मुकाबले कारोबारी गति तेज रही।
पीएमसी कारोबार रहा मुख्य आधार
कंपनी की आय का सबसे बड़ा स्रोत — प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) कारोबार — चौथी तिमाही में सालाना आधार पर लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹4,356.78 करोड़ पर पहुँच गया। यह सेगमेंट कंपनी की कुल आय में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखता है और इसी ने समग्र प्रदर्शन को स्थिर बनाए रखा।
रियल एस्टेट और ईपीसी सेगमेंट में दबाव
अन्य सेगमेंट में इस तिमाही कमजोरी देखी गई। रियल एस्टेट खंड की आय पिछले वर्ष की इसी अवधि के ₹161.39 करोड़ से घटकर ₹42.72 करोड़ रह गई। इसी तरह, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेगमेंट से आय भी ₹211 करोड़ से घटकर ₹140 करोड़ हो गई। परिचालन स्तर पर EBITDA मार्च तिमाही में ₹287 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के ₹297 करोड़ से 3.4 प्रतिशत कम है।
लाभांश की सिफारिश
एनबीसीसी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹1 रुपए अंकित मूल्य पर ₹0.46 प्रति शेयर का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है। यह भुगतान आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की स्वीकृति के अधीन है और स्वीकृति के बाद 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।
शेयर बाज़ार में प्रतिक्रिया
नतीजों के दिन एनबीसीसी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 2.11 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹96.82 पर बंद हुआ। गौरतलब है कि एनबीसीसी एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (CPSE) है, जो मुख्यतः सरकारी परियोजनाओं के प्रबंधन और निर्माण में कार्यरत है। आने वाली तिमाहियों में रियल एस्टेट और EPC सेगमेंट की रिकवरी कंपनी के समग्र राजस्व प्रदर्शन के लिए निर्णायक होगी।