अमित शाह 5 नवंबर को हरियाणा दौरे पर: करनाल और अंबाला में दो कार्यक्रम, SIR विवाद पर देंगे जवाब
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 नवंबर 2026 को हरियाणा के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे, जिसमें वे करनाल और अंबाला में दो अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। यह जानकारी राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने मंगलवार, 3 नवंबर को दी। दौरे का मुख्य उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाई जा रही कथित गलत जानकारी का जनता के सामने खंडन करना बताया गया है।
करनाल में SIR विवाद पर भाजपा का पलटवार
बराला के अनुसार, करनाल में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उन आरोपों का जवाब देंगे जिनमें दावा किया गया है कि चुनाव आयोग जायज मतदाताओं के वोट काट रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पक्ष है कि SIR के माध्यम से केवल मृतकों के नाम, एक से अधिक स्थानों पर दर्ज डुप्लीकेट वोट हटाए गए हैं और 18 वर्ष के नए मतदाताओं को सूची में जोड़ा जा रहा है।
बराला ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर यह भ्रम दूर करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनकी टीम संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने की आदत बना चुकी है।
अंबाला में राष्ट्रीय स्मारक का उद्घाटन
करनाल के बाद अमित शाह अंबाला पहुँचेंगे, जहाँ वे एक राष्ट्रीय स्मारक (नेशनल मेमोरियल) का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे। यह कार्यक्रम सांगठनिक दृष्टि से भाजपा के लिए महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
राहुल गांधी की दिल्ली रैली पर निशाना
बराला ने दिल्ली में राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक द्वारा आयोजित रैली की भी आलोचना की और इसे 'फ्लॉप' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता कांग्रेस के लगातार आरोपों के बावजूद निरंतर बढ़ रही है और भाजपा को जनता का जबरदस्त समर्थन हासिल है।
गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब SIR को लेकर विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। चुनाव आयोग की मतदाता सूची शुद्धिकरण प्रक्रिया राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में केंद्र में आ गई है।
भाजपा की रणनीतिक अहमियत
हरियाणा में भाजपा की सांगठनिक स्थिति को मजबूत करने के लिहाज से यह दौरा अहम है। अमित शाह की उपस्थिति पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने और SIR मुद्दे पर जनता तक सीधा संदेश पहुँचाने का अवसर है। 5 नवंबर के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियाँ और तेज़ होने की संभावना है।