अमित शाह 5 नवंबर को करनाल में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 नवंबर 2026 को करनाल में आयोजित होने वाली 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में शामिल होंगे। यह जानकारी हरियाणा भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने 25 अक्टूबर को दी। पदयात्रा सुबह 10 बजे सेक्टर-12 के मार्केट ग्राउंड से महात्मा गांधी प्रतिमा तक प्रस्तावित है, हालांकि मार्ग का अंतिम निरीक्षण बाकी है।
पदयात्रा का उद्देश्य और भाजपा का अभियान
अर्चना गुप्ता ने बताया कि यह पदयात्रा भाजपा के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पार्टी कार्यकर्ता हर ज़िले और हर लोकसभा क्षेत्र में जनता के बीच जाकर लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े तथ्य साझा करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हर हरियाणवी और हर भारतीय तक सच पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
गुप्ता के अनुसार, यह अभियान उन दावों का जवाब है जो विपक्षी दल मतदाता सूची को लेकर फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, इंडिया गठबंधन और कांग्रेस के लोग प्रतिदिन नए झूठ लेकर जनता के बीच जा रहे हैं और भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं।
मतदाता सूची विवाद पर भाजपा का पक्ष
अर्चना गुप्ता ने मतदाता सूची के विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) पर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि SIR पूरे भारत में अब 12वीं बार हो रहा है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में हुआ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्राफ्ट वोटर सूची से लगभग 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं, जिनमें से 3 करोड़ व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है, 6 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं, 1 करोड़ की डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ थीं और 3 करोड़ लोग तीन बार घर जाने पर भी अनट्रेसेबल पाए गए।
गुप्ता ने यह भी जोड़ा कि यदि किसी भी नागरिक को यह आशंका हो कि उसका नाम कट गया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दोबारा दर्ज करा सकता है। उन्होंने इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताया।
कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर निशाना
गुप्ता ने कांग्रेस की 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली की भी आलोचना की। उनका कहना है कि जो पार्टी स्वयं लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने के इतिहास के साथ आती है, उसके लोकतंत्र बचाने के दावे जनता के सामने टिकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह जनता को भ्रमित करने और देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है।
गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस हारे हुए चुनावों के बाद भारत को बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका जैसा बनाने के मंसूबे पाल रही है, लेकिन जनता इसे कभी सफल नहीं होने देगी। यह भाजपा का आरोप है और इसे पार्टी की राजनीतिक स्थिति के रूप में देखा जाना चाहिए।
विपक्ष की भूमिका पर टिप्पणी
हरियाणा भाजपा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारियों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का काम तथ्य आधारित मुद्दे उठाना है, न कि विदेश में जाकर भारत की आलोचना करना। गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 12 वर्षों से राष्ट्र को सर्वोपरि रखकर काम कर रहे हैं, जबकि विपक्ष के लिए सत्ता प्राथमिकता है।
यह पदयात्रा हरियाणा में भाजपा की जमीनी पकड़ मज़बूत करने और मतदाता सूची विवाद पर अपनी कथा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। गृह मंत्री की उपस्थिति से इस आयोजन का राजनीतिक महत्व और बढ़ जाएगा।